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CSR के जरिए इंडस टावर्स का बड़ा सामाजिक असर, FY26 में 3.38 करोड़ लोगों के जीवन पर प्रभाव
डिजिटल कौशल, शिक्षा, स्वास्थ्य, आजीविका और सस्टेनेबल इंफ्रास्ट्रक्चर के जरिए समुदायों को सशक्त बनाने पर जोर
लखनऊ। देश में डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर के तेजी से विस्तार के बीच समावेशी विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से इंडस टावर्स लिमिटेड अपनी कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) पहलों के माध्यम से विभिन्न क्षेत्रों में काम कर रही है। कंपनी के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2026 के दौरान उसकी CSR पहलों से देशभर में 33.88 मिलियन यानी करीब 3.38 करोड़ लोगों के जीवन पर सकारात्मक प्रभाव पड़ा, जबकि कंपनी की विभिन्न पहलों के माध्यम से अब तक कुल 90 मिलियन लोगों तक पहुंच बनाई जा चुकी है।
कंपनी के CSR कार्यक्रम ‘सक्षम’ और ‘प्रगति’ के तहत डिजिटल कौशल, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच, आजीविका के अवसर और सस्टेनेबल इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इंडस टावर्स का कहना है कि इन पहलों का उद्देश्य समुदायों को आवश्यक ज्ञान, कौशल और संसाधन उपलब्ध कराकर उन्हें विकास की प्रक्रिया में सक्रिय भागीदार बनाना है।
कंपनी के अनुसार, उसकी सामाजिक प्रभाव संबंधी पहल स्थानीय हितधारकों, सरकारी संस्थानों, कार्यान्वयन साझेदारों और लाभार्थी समूहों के साथ मिलकर संचालित की जाती हैं। इसके जरिए स्थानीय जरूरतों की पहचान कर उनके अनुरूप समाधान विकसित करने तथा दीर्घकालिक सामुदायिक भागीदारी को बढ़ावा देने का प्रयास किया जाता है।
इंडस टावर्स लिमिटेड के एमडी एवं सीईओ प्रचुर साह ने कहा कि भारत की विकास यात्रा को व्यापक और टिकाऊ बनाने के लिए समावेशी एवं सहभागी विकास आवश्यक है। उन्होंने कहा कि कंपनी अपने CSR कार्यक्रमों के माध्यम से समुदायों को ज्ञान, कौशल और अवसरों से जोड़ने का प्रयास कर रही है, ताकि वे देश की आर्थिक और सामाजिक प्रगति में सार्थक योगदान दे सकें।
कंपनी की CSR पहलों को डिजिटल इंडिया, स्किल इंडिया मिशन, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020, पीएम ई-विद्या और एस्पिरेशनल डिस्ट्रिक्ट्स प्रोग्राम जैसी राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के अनुरूप बताया गया है। इसके अलावा, कंपनी का दावा है कि ये पहल संयुक्त राष्ट्र के कई सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) में भी योगदान करती हैं।
इंडस टावर्स के मुताबिक, पिछले कुछ वर्षों में कंपनी ने देश के अपेक्षाकृत पिछड़े क्षेत्रों में शिक्षा, कौशल विकास, स्वास्थ्य, आजीविका और बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी चुनौतियों पर केंद्रित कई कार्यक्रम संचालित किए हैं।
कंपनी ने 2030 तक 150 मिलियन यानी 15 करोड़ लोगों के जीवन पर सकारात्मक प्रभाव डालने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसके तहत आने वाले वर्षों में बड़े पैमाने पर CSR हस्तक्षेपों के जरिए पिछड़े और जरूरतमंद समुदायों के साथ अपनी भागीदारी बढ़ाने तथा दीर्घकालिक और टिकाऊ परिणाम हासिल करने पर जोर देने की बात कही गई है।
