वाराणसी
दुष्कर्म के आरोप से डीरेका का रेलकर्मी दोषमुक्त
अदालत ने साक्ष्यों के अभाव में दिया संदेह का लाभ, पांच गवाहों के बयान दर्ज किए गए
वाराणसी, जयदेश। शादी का झांसा देकर युवती के साथ दुष्कर्म करने के मामले में आरोपित डीरेका (अब बनारस रेल इंजन कारखाना) के रेलकर्मी जितेंद्र कुमार राही को अदालत से राहत मिली है। अपर जिला जज (सप्तम) विकास श्रीवास्तव की अदालत ने आरोप सिद्ध नहीं होने पर संदेह का लाभ देते हुए उसे दोषमुक्त कर दिया। आरोपित मिर्जामुराद थाना क्षेत्र के ठठरा गांव का निवासी है। बचाव पक्ष की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अनुज यादव, बृजपाल सिंह यादव ‘गुड्डू’ और अधिवक्ता नरेश यादव ने पक्ष रखा।
वर्ष 2020 में दर्ज हुआ था मुकदमा
अभियोजन पक्ष के अनुसार, पीड़िता ने 23 सितंबर 2020 को पुलिस अधीक्षक को प्रार्थना पत्र देकर आरोप लगाया था कि आरोपित उसके भाई का दोस्त था और गांव में क्रिकेट खेलने आता था। आरोप था कि जब पीड़िता की उम्र 17 वर्ष थी, तब आरोपित ने शादी का झांसा देकर उसके साथ यौन उत्पीड़न और दुष्कर्म किया। पीड़िता के मुताबिक, आरोपित कई वर्षों तक शादी का आश्वासन देता रहा।
आरोप है कि 20 अगस्त 2020 की रात आरोपित उसके घर आया और दोबारा दुष्कर्म किया। शादी की बात करने पर उसने कथित तौर पर इनकार करते हुए धमकी दी।
इस मामले में पुलिस ने 13 अक्टूबर 2020 को मुकदमा दर्ज कर आरोपित को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। मुकदमे की सुनवाई के दौरान पीड़िता समेत पांच गवाहों के बयान दर्ज किए गए। अदालत ने प्रस्तुत साक्ष्यों और गवाहों के बयानों का अवलोकन करने के बाद आरोप सिद्ध नहीं होने पर आरोपित को दोषमुक्त कर दिया।
