वाराणसी
गंगा का जलस्तर घटकर 67.97 मीटर पर पहुंचा, घाटों पर अब भी बाढ़ जैसे हालात
नाव संचालन पर रोक जारी, पितृपक्ष में श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए एनडीआरएफ और जल पुलिस अलर्ट
वाराणसी, जयदेश। अक्टूबर माह की शुरुआत के साथ ही वाराणसी में गंगा का जलस्तर घटने लगा है, लेकिन घाटों पर बाढ़ जैसे हालात अब भी बने हुए हैं। केंद्रीय जल आयोग की गुरुवार सुबह आठ बजे जारी रिपोर्ट के अनुसार गंगा का जलस्तर घटकर 67.97 मीटर पर पहुंच गया है। पिछले 24 घंटे में जलस्तर में गिरावट दर्ज की गई है। 30 सितंबर को गंगा का जलस्तर 68.36 मीटर पर स्थिर था।

वाराणसी में गंगा का चेतावनी स्तर 70.26 मीटर और खतरे का निशान 71.26 मीटर है। वर्तमान जलस्तर खतरे के निशान से करीब 3.29 मीटर नीचे है। इसके बावजूद अस्सी, दशाश्वमेध, मणिकर्णिका और नमो घाट समेत कई प्रमुख घाटों पर बाढ़ का पानी भरा हुआ है। गंगा के बढ़ाव के कारण पहले खाली हुए कुछ घाटों पर फिर से पानी पहुंच गया है। आरती स्थलों में भी बदलाव किया गया है।
नाव संचालन पर रोक, सुरक्षा बढ़ाई गई
बाढ़ की स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने अगले आदेश तक नाव संचालन पर रोक लगा रखी है। पितृपक्ष के दौरान घाटों पर श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ को देखते हुए एनडीआरएफ और जल पुलिस की टीमें लगातार निगरानी कर रही हैं। लाउडस्पीकर के माध्यम से लोगों को गहरे पानी में जाने से बचने और सतर्क रहने की अपील की जा रही है।

जलस्तर में गिरावट के बावजूद घाटों पर जलभराव प्रशासन के लिए चुनौती बना हुआ है। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे सुरक्षा निर्देशों का पालन करें और नदी में उतरने से बचें।
