मिर्ज़ापुर
2 हजार से अधिक टीबी मरीज पोषण पोटली से वंचित
स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल
महीनों से इंतजार कर रहे मरीज, आपूर्ति और वितरण व्यवस्था में लापरवाही का आरोप
मिर्जापुर। जिले में राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के तहत टीबी मरीजों को मिलने वाली पोषण सहायता को लेकर स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। आरोप है कि जिले में पंजीकृत 2,000 से अधिक टीबी मरीजों को अब तक पोषण पोटली नहीं मिल सकी है। इससे मरीजों और उनके परिजनों में नाराजगी है।
पोषण सहायता के लिए इंतजार
टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत मरीजों को नियमित दवाओं के साथ पोषण सहायता उपलब्ध कराने की व्यवस्था है। आरोप है कि जिले में पोषण सामग्री की आपूर्ति और वितरण प्रक्रिया समय से पूरी नहीं हो सकी। इसके चलते कई मरीज महीनों से पोषण पोटली मिलने का इंतजार कर रहे हैं। वितरण और लाभार्थियों से संबंधित रिकॉर्ड के रखरखाव को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं।
इलाज के साथ पोषण भी जरूरी
टीबी मरीजों के उपचार में पौष्टिक आहार महत्वपूर्ण माना जाता है। कमजोर आर्थिक स्थिति वाले मरीजों के लिए सरकारी पोषण सहायता काफी उपयोगी होती है। ऐसे में लंबे समय तक सहायता नहीं मिलने से मरीजों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ने की बात कही जा रही है।
निक्षय मित्रों की भूमिका पर भी सवाल
जिले में निक्षय मित्रों के माध्यम से भी टीबी मरीजों को पोषण सामग्री उपलब्ध कराने की पहल की जाती है। आरोप है कि विभाग और निक्षय मित्रों के बीच समन्वय की कमी के कारण सभी पात्र मरीजों तक इसका लाभ नहीं पहुंच पा रहा है।
स्थानीय लोगों और स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं ने मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने, लापरवाही के लिए जिम्मेदार अधिकारियों-कर्मचारियों की जवाबदेही तय करने और वंचित मरीजों को जल्द से जल्द पोषण सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है।
