Connect with us

आजमगढ़

बधिरता अब बाधा नहीं, कॉक्लियर इम्प्लांट से बच्चों के लिए नई उम्मीद

Published

on

Loading...
Loading...

समय पर जांच, उपचार और स्पीच रिहैबिलिटेशन से श्रवण बाधित बच्चों के विकास को मिल सकता है बेहतर अवसर

आजमगढ़। श्रवण बाधित बच्चों के लिए आधुनिक चिकित्सा उम्मीद की नई राह लेकर आई है। आजमगढ़ स्थित विद्या-श्री ईएनटी एंड लेजर सेंटर में कॉक्लियर इम्प्लांट को लेकर विशेष प्रेस कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य श्रवण बाधिता के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ अभिभावकों को समय पर जांच, उपचार और रिहैबिलिटेशन के महत्व की जानकारी देना रहा।

विशेषज्ञों के अनुसार जन्मजात या गंभीर श्रवण बाधिता का असर केवल सुनने की क्षमता तक सीमित नहीं रहता, बल्कि बच्चे के बोलने, भाषा विकास, शिक्षा, आत्मविश्वास और सामाजिक विकास पर भी प्रभाव पड़ सकता है। ऐसे में समय पर पहचान और विशेषज्ञों से उचित मूल्यांकन जरूरी है।

कॉक्लियर इम्प्लांट एक आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक हियरिंग डिवाइस है, जो गंभीर सेंसरिन्यूरल हियरिंग लॉस वाले चयनित मरीजों में उपयोगी हो सकता है, खासकर तब जब हियरिंग एड से पर्याप्त लाभ नहीं मिल रहा हो। विशेषज्ञों के मुताबिक इसकी प्रक्रिया में मरीज का चयन, ऑडियोलॉजिकल जांच, काउंसलिंग, सर्जरी, इम्प्लांट एक्टिवेशन, मैपिंग और इसके बाद ऑडिटरी एवं स्पीच रिहैबिलिटेशन महत्वपूर्ण चरण हैं।

विशेषज्ञों ने बताया कि बच्चों में श्रवण बाधिता की जितनी जल्दी पहचान कर उचित हस्तक्षेप और रिहैबिलिटेशन शुरू किया जाए, उतना ही बेहतर श्रवण एवं भाषा विकास का अवसर मिल सकता है।

Advertisement

केंद्र की ओर से अभिभावकों से अपील की गई कि बच्चे की सुनने की क्षमता में कोई समस्या दिखाई देने पर उसे नजरअंदाज न करें और समय पर विशेषज्ञ से परामर्श लें। कार्यक्रम में बताया गया कि विद्या-श्री ईएनटी एंड लेजर सेंटर, गांधी नगर, मुकेरीगंज, आजमगढ़ में इस संबंध में जानकारी और परामर्श प्राप्त किया जा सकता है।

Copyright © 2024 Jaidesh News. Created By Hoodaa

You cannot copy content of this page