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चितरंजन सिंह के आदर्श लोकतांत्रिक संघर्ष की प्रेरणा: कमल कृष्णा राय

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छठवीं पुण्यतिथि पर स्मृति दिवस एवं विचार गोष्ठी आयोजित, लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा का आह्वान

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मानवाधिकारवादी नेता स्वर्गीय चितरंजन सिंह की छठवीं पुण्यतिथि पर उनके पैतृक गांव सुल्तानपुर में स्मृति दिवस एवं विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। *“बोल कि लब आजाद हैं तेरे”* विषय पर आयोजित गोष्ठी में वक्ताओं ने वर्तमान सामाजिक-राजनीतिक परिस्थितियों पर चिंता व्यक्त करते हुए लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए संगठित संघर्ष का आह्वान किया।

इलाहाबाद विश्वविद्यालय छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष कमल कृष्णा राय ने कहा कि चितरंजन सिंह ने युवाओं को अन्याय, शोषण और गैर-संवैधानिक कृत्यों के खिलाफ संघर्ष करने की प्रेरणा दी। उन्होंने पेपर लीक के विरोध में चल रहे छात्र आंदोलन का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया कि सरकार लोकतांत्रिक आंदोलनों को दबाने का प्रयास कर रही है।

वरिष्ठ पत्रकार मोहन सिंह ने कहा कि चितरंजन सिंह के विचार और आदर्श आज भी मानवाधिकारों की रक्षा तथा लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत करने के लिए प्रेरणास्रोत बने हुए हैं। उन्होंने युवाओं से उनके संघर्ष और सिद्धांतों को आगे बढ़ाने का आह्वान किया।

कार्यक्रम को किसान नेता अरुण सिंह, राजू सिंह, प्रनेश सिंह, केशव सिंह तथा बसंत कुमार सिंह ‘मुन्नी भाई’ ने भी संबोधित किया। सभी वक्ताओं ने चितरंजन सिंह के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर प्रकाश डालते हुए उन्हें सामाजिक न्याय और मानवाधिकारों का सशक्त प्रहरी बताया।

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