बलिया
घाघरा का कहर तेज, वशिष्ठ नगर-गोपाल नगर में कटान से दहशत
आबादी से महज 40 मीटर दूर पहुंची सरयू नदी, ग्रामीणों ने बचाव कार्य की उठाई मांग
खेत और मकान खतरे में, जनप्रतिनिधियों व प्रशासन पर उपेक्षा का आरोप
बलिया (बैरिया)। सुरेमनपुर दियरांचल के वशिष्ठ नगर और गोपाल नगर में घाघरा (सरयू) नदी का कटान तेजी से बढ़ने लगा है। नदी के लगातार कटाव से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। भूपनाथ के डेरा से लेकर बकुलहा तक नदी का कटान जारी है, जबकि वशिष्ठ नगर, शिवाल मठिया, चाई छपरा और अधसिझुआ के सामने भी स्थिति गंभीर बनी हुई है।
ग्रामीणों का कहना है कि लगातार हो रहे कटान से किसानों की उपजाऊ भूमि नदी में समाती जा रही है। अपनी आंखों के सामने खेत और आशियाने उजड़ते देख लोग भय और चिंता में हैं।
मकानों पर मंडरा रहा खतरा
ग्रामीणों के अनुसार, वशिष्ठ नगर और गोपाल नगर की सीमा पर नदी का कटान आबादी से लगभग 40 मीटर की दूरी तक पहुंच गया है। इससे राजू सिंह, धनंजय सिंह, शिवमुनि यादव और लालजी सिंह सहित कई परिवारों के मकानों पर खतरा मंडराने लगा है।
बचाव कार्य की मांग, जनप्रतिनिधियों पर उपेक्षा का आरोप
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि कटान की गंभीर समस्या के बावजूद अब तक प्रभावी बचाव कार्य शुरू नहीं कराया गया है। उन्होंने स्थानीय जनप्रतिनिधियों और प्रशासन पर समस्या की अनदेखी करने का आरोप लगाया तथा सरकार से तत्काल कटान-रोधी कार्य शुरू कराने की मांग की।
पीड़ित ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते बचाव कार्य शुरू नहीं किया गया, तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
