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वाराणसी

हाईकोर्ट ने रद्द किया बीएचयू के छात्र का निष्कासन

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वाराणसी। बीएचयू के छात्र रौनक मिश्र को इलाहाबाद हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा लगाए गए निष्कासन आदेश को हाईकोर्ट ने रद्द कर दिया और छात्र को सभी आरोपों से बरी कर दिया।

मामला इस साल फरवरी का है, जब बीएचयू के कुलपति आवास पर रात में हंगामा हुआ था। इस घटना के बाद रौनक मिश्र पर अनुशासनहीनता का आरोप लगाते हुए विश्वविद्यालय ने उन्हें निष्कासित कर दिया था।

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छात्र ने इस आदेश को चुनौती देते हुए अपने वकीलों अतुल तिवारी और प्रखर शरण श्रीवास्तव के माध्यम से इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका दायर की। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने निष्कासन आदेश को गलत करार देते हुए रौनक मिश्र को निर्दोष घोषित कर दिया।

हाईकोर्ट के इस फैसले को छात्रों और अभिभावकों ने न्याय की जीत बताया है। यह निर्णय विश्वविद्यालय प्रशासन के लिए भविष्य में अनुशासनात्मक कार्रवाई करने के तौर-तरीकों पर पुनर्विचार करने का अवसर भी प्रस्तुत करता है।

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