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वाराणसी

भूमिहार महिला समाज के डांडिया महोत्सव में बिखरा उल्लास और उमंग का रंग

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शक्ति के प्रतीक स्वरूप नारियों के सम्मान से जुड़ा है यह पर्व : डॉ. राजलक्ष्मी राय

वाराणसी । कैंटोनमेंट क्षेत्र स्थित एक होटल में रविवार को अपरान्ह भूमिहार महिला समाज का डांडिया महोत्सव हर्षोल्लास के साथ मनाया गया । जिसमें समाज की सैकड़ों महिलाओं ने पारंपरिक वेश भूषा धारण कर भाग लिया । कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन के साथ हुई । इसके बाद गणेश वंदना तथा दुर्गा गीत प्रस्तुत कर गरबा का शुभारंभ किया गया समाज की महिलाएं पारंपरिक वेशभूषा धारण कर पारंपरिक गीतों पर रंग बिरंगे रोशनी के बीचडांडिया खनखनाते आनंदित होती रही ।


संस्थापिका डॉ राज लक्ष्मी राय ने कहा कि डांडिया महोत्सव हमारी संस्कृति का एक हिस्सा बन चुका है । जिसके द्वारा हमें अपने धर्म अपनी सभ्यता से जुड़ने का अवसर प्राप्त होता है । यह पर्व ही विशेष रूप से शक्ति के प्रति रूप में नारियों के सम्मान से जुड़ा हुआ है ।


कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में अस्सिटेंट सेक्शन ऑफिसर इंडियन काउंसिल आफ एग्रीकल्चरल रिसर्च मऊ ने कहा कि सनातन धर्म के प्रत्येक पर्व का उद्देश्य ही अपनी एकता और भाईचारा को बढ़ाना है । वही इन पर्वों के माध्यम से पुरानी संस्कृति को जीवित रखने का अवसर मिल जाता है । कार्यक्रम में विशेष पहलू डांडिया क्वीन का रहा, जिसमें विजेता आकांक्षा सिंह को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया ।
समारोह को सफल बनाने में अदिति राय, डॉक्टर सरोज पांडे, विभा राय डॉक्टर श्वेता राय, प्रियंका राय “पायल”, पूनम, प्रतिमा, सोनी, नीलू, रीमा, चंद्रकला रिमझिम आदि ने महत्वपूर्ण योगदान दिया । कार्यक्रम का संचालन नीलू सिंह व सीमा राय ने किया ।


कार्यक्रम की मीडिया प्रभारी प्राची, मंजुला, वंदना, डॉक्टर विजयेता, शकुंतला राय, साधना, रूपा, आशा, अंजू, नीलिमा, अंमिता, साधना, वंदना, आशा, अंजू, अंकिता, ज्योति रिंकी, किरण, पूनम, सोनिया, पूनम, सीमा, पूजा, अनीता, सुमन, श्रद्धा, सरिता, बबीता, आदि रही ।
आए हुए सभी अतिथियों का डॉक्टर राजलक्ष्मी ने आभार व्यक्त किया ।

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