गोरखपुर
पुरानी बाउंड्री गिराकर पीछे से रास्ता खोलने का आरोप, पीड़िता ने पुलिस से कार्रवाई की मांग
15 फीट रास्ता होने के बावजूद गेट लगाने की कोशिश का दावा, रामगढ़ताल थाने में दी शिकायत
गोरखपुर। रामगढ़ताल थाना क्षेत्र के गोपालपुर मोहल्ले में पुरानी बाउंड्री गिराकर पीछे की तरफ से रास्ता और गेट खोलने के प्रयास का मामला सामने आया है। पीड़िता गुड्डी देवी पत्नी मनोज निषाद ने पड़ोसी अमन निषाद पर उनकी वर्षों पुरानी बाउंड्री हथौड़े से गिराने और पीछे की ओर से रास्ता खोलकर गेट लगाने का प्रयास करने का आरोप लगाया है।
6 फीट रास्ता छोड़कर बनाई थी बाउंड्री
गुड्डी देवी के मुताबिक, उन्होंने अपने आने-जाने के लिए करीब छह फीट रास्ता छोड़ा था। इसके बाद बाउंड्री बनाकर अपनी जमीन की सीमा निर्धारित की थी। आरोप है कि अमन निषाद ने करीब दो वर्ष पहले मकान बनवाया, जिसके सामने पहले से करीब 15 फीट रास्ता मौजूद है। इसके बावजूद पीछे की तरफ से रास्ता खोलने का प्रयास किया जा रहा है।
सड़क और नाली निर्माण के बाद बाउंड्री तोड़ने का आरोप
पीड़िता का कहना है कि संबंधित रास्ते पर करीब 15 दिन पहले सड़क और नाली का निर्माण भी कराया गया था। गुरुवार दोपहर करीब 4:30 बजे अमन निषाद द्वारा हथौड़े से पुरानी बाउंड्री की दीवार गिराए जाने का आरोप लगाया गया है।
पुलिस को दी सूचना, कार्रवाई की मांग
मामले की सूचना पीड़िता ने रामगढ़ताल थाने को दी। बताया गया कि कार्रवाई के लिए प्रार्थना पत्र कांस्टेबल रितिक सिंह को सौंपा गया। पीड़िता के अनुसार, पुलिसकर्मी ने अमन निषाद को चौकी पर आने के लिए कहा, लेकिन उसने कथित तौर पर तत्काल आने से इनकार करते हुए कहा कि “सुबह आएंगे।”
एफआईआर दर्ज करने की मांग
गुड्डी देवी का सवाल है कि यदि बिना अनुमति किसी की पुरानी बाउंड्री गिराई गई है तो शिकायत के बाद तत्काल कार्रवाई क्यों नहीं हुई। उनका आरोप है कि पुलिस के संज्ञान में मामला आने के बावजूद अभी तक मुकदमा दर्ज नहीं किया गया है।
पीड़िता ने रामगढ़ताल पुलिस से मामले की जांच कर एफआईआर दर्ज करने और नियमानुसार कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि स्थानीय स्तर पर कार्रवाई नहीं होने पर वह एसएसपी गोरखपुर से शिकायत करेंगी।
क्या कहता है कानून?
किसी व्यक्ति की संपत्ति की बाउंड्री को उसकी अनुमति के बिना तोड़ना और उसकी जमीन पर रास्ता या गेट बनाने का प्रयास करना अपने आप में विवाद का विषय बन सकता है। ऐसे मामले में पुलिस शिकायत के आधार पर तथ्यों की जांच कर सकती है और परिस्थितियों के अनुसार संबंधित कानूनी धाराओं में कार्रवाई कर सकती है। अंतिम स्थिति जांच और उपलब्ध दस्तावेजों व साक्ष्यों पर निर्भर करेगी।
