गाजीपुर
85 वर्षों से जारी है श्री कृष्ण जन्माष्टमी की परंपरा, श्रीवास्तव परिवार आज भी निभा रहा विरासत
रानीपुर कैथवलिया में दादा के समय से रखा जा रहा जन्माष्टमी का डोल, ग्रामीणों के सहयोग से मनाया जाता है पर्व
गाजीपुर। सदर ब्लॉक के ग्राम रानीपुर कैथवलिया में श्री कृष्ण जन्माष्टमी का डोल रखने की परंपरा पिछले 85 वर्षों से निरंतर चली आ रही है। श्रीवास्तव परिवार द्वारा शुरू की गई यह परंपरा आज भी पूरी श्रद्धा और उत्साह के साथ निभाई जा रही है। विपरीत परिस्थितियों के बावजूद परिवार और ग्रामीणों ने इस धार्मिक परंपरा को जीवंत रखा है।
दादा ने शुरू की थी परंपरा, आज भी कायम है सिलसिला
श्री कृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर श्रीवास्तव परिवार की ओर से गांव में भगवान श्री कृष्ण का डोल रखा जाता है। परिवार की ओर से इस परंपरा को वर्तमान में धर्मेंद्र कुमार श्रीवास्तव, पुत्र स्वर्गीय छैल बिहारी लाल श्रीवास्तव, निवासी ग्राम रानीपुर कैथवलिया, शिक्षक, आगे बढ़ा रहे हैं। उन्होंने अपने दादाजी द्वारा शुरू की गई परंपरा को आज भी पूरी श्रद्धा के साथ जीवंत रखा है।

ग्रामीणों के सहयोग से धूमधाम से मनाया जाता है जन्मोत्सव
जन्माष्टमी के अवसर पर समस्त ग्रामवासियों के सहयोग से भगवान श्री कृष्ण का जन्मोत्सव बड़े ही धूमधाम और भक्तिभाव के साथ मनाया जाता है। गांव के सम्मानित नागरिकों सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण इस परंपरागत आयोजन में शामिल होते हैं और भगवान श्री कृष्ण की पूजा-अर्चना कर पर्व की खुशियां मनाते हैं।
परंपरा को आगे बढ़ाने में ग्रामीणों का पूरा सहयोग
धर्मेंद्र कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि जन्माष्टमी की इस पुरानी परंपरा को बनाए रखने में समस्त ग्रामवासियों का पूरा सहयोग मिलता है। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों के सहयोग और सहभागिता के कारण ही 85 वर्षों से चली आ रही यह परंपरा आज भी उसी श्रद्धा और उत्साह के साथ निभाई जा रही है।

नई पीढ़ी तक पहुंच रही धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत
85 वर्षों से लगातार जारी यह आयोजन गांव की धार्मिक आस्था के साथ-साथ पारिवारिक और सामाजिक एकता का भी प्रतीक बन गया है। श्रीवास्तव परिवार द्वारा शुरू की गई परंपरा को ग्रामीणों के सहयोग से आगे बढ़ाया जाना क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत को संजोने का एक महत्वपूर्ण प्रयास है।
