गाजीपुर
मानदेय बढ़ाने और स्थायीकरण की मांग को लेकर पंचायत सहायकों का लखनऊ में हल्लाबोल
इको गार्डन में प्रदेशभर के पंचायत सहायकों ने किया धरना-प्रदर्शन, गाजीपुर से भी बड़ी संख्या में पहुंचे कर्मचारी
राज्य कर्मचारी का दर्जा और महिला पंचायत सहायकों के स्थानांतरण की उठाई मांग, आंदोलन जारी रखने की चेतावनी
गाजीपुर। मानदेय वृद्धि और सेवा स्थायीकरण सहित विभिन्न मांगों को लेकर प्रदेशभर के पंचायत सहायकों ने सोमवार को लखनऊ स्थित इको गार्डन में विशाल धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में गाजीपुर जनपद से भी बड़ी संख्या में पंचायत सहायकों ने भाग लिया।
पंचायत सहायक जिलाध्यक्ष भीम प्रजापति के नेतृत्व में जिले के पंचायत सहायक धरना स्थल पर पहुंचे और अपनी मांगों को लेकर आवाज बुलंद की।
पंचायत सहायकों को नहीं मिल रही सेवा सुरक्षा : जिलाध्यक्ष
धरने को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष भीम प्रजापति ने कहा कि पंचायत सहायक लंबे समय से ग्राम पंचायतों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों का निर्वहन कर रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद उन्हें अपेक्षित मानदेय और सेवा सुरक्षा का लाभ नहीं मिल पा रहा है।
उन्होंने सरकार से पंचायत सहायकों की समस्याओं का शीघ्र समाधान करने की मांग की।

प्रमुख मांगों को लेकर किया प्रदर्शन
धरना-प्रदर्शन के दौरान पंचायत सहायकों ने सरकार के समक्ष कई मांगें रखीं। इनमें प्रमुख रूप से—
मानदेय में वृद्धि की मांग
पंचायत सहायकों की सेवा का स्थायीकरण
राज्य कर्मचारी का दर्जा दिए जाने
महिला पंचायत सहायकों के लिए स्थानांतरण व्यवस्था लागू करने
की मांग शामिल रही।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि पंचायत सहायक गांवों में शासन की योजनाओं को धरातल तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं, इसलिए उनकी मांगों पर सरकार को सकारात्मक निर्णय लेना चाहिए।
मांगें पूरी नहीं होने तक आंदोलन जारी रखने की चेतावनी
पंचायत सहायकों ने कहा कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने सरकार से जल्द समाधान निकालने की अपील की।
धरना-प्रदर्शन में गाजीपुर से मुलायम, अभिषेक, राजकमल, रवि कुमार सहाय, आशीष रंजन, नीलम, सरिता, आरती, आकांक्षा, शालु, पूनम, रोहित राव, राहुल, हेमंत और कृष्णा गुप्ता सहित बड़ी संख्या में पंचायत सहायक शामिल रहे।
इसके अलावा प्रदेश के विभिन्न जिलों से पहुंचे हजारों पंचायत सहायकों ने भी एकजुट होकर अपनी मांगों के समर्थन में आवाज बुलंद की।
