गाजीपुर
जर्जर बिजली के तारों से पखनपुरा में मौत का खतरा
ग्रामीणों ने आंदोलन की दी चेतावनी
स्कूल जाने वाले बच्चों पर मंडरा रहा हादसे का साया, कई शिकायतों के बावजूद नहीं हुई कार्रवाई
कुडेसर/भांवरकोल (गाजीपुर)।भांवरकोल विकासखंड के मच्छटी के समीप स्थित पखनपुरा गांव में जर्जर विद्युत तार और झुके हुए बिजली के पोल ग्रामीणों के लिए बड़ी चिंता का कारण बन गए हैं। आए दिन हाईटेंशन और एलटी लाइन के तार टूटकर सड़कों और घरों के पास गिरने से पूरे गांव में भय का माहौल है। सबसे अधिक खतरा स्कूल आने-जाने वाले मासूम बच्चों और राहगीरों पर बना हुआ है।
ग्रामीणों का कहना है कि यह समस्या लंबे समय से बनी हुई है। कई बार टूटे हुए तारों में करंट प्रवाहित होने की घटनाएं भी सामने आ चुकी हैं, जिससे बड़ा हादसा टल गया। बरसात के मौसम में गीली जमीन और जलभराव के कारण करंट फैलने का खतरा और बढ़ गया है।
शिकायतों के बावजूद नहीं हुई कार्रवाई
सामाजिक कार्यकर्ता मोहम्मद सोहेल अहमद, यूसुफ सिद्दीकी समेत ग्रामीणों का आरोप है कि बिजली विभाग के जूनियर इंजीनियर (जेई) और स्थानीय विद्युत उपकेंद्र पर कई बार लिखित और मौखिक शिकायत की गई, लेकिन अब तक जर्जर तारों को बदलने या व्यवस्था सुधारने की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
ग्रामीणों का कहना है कि रात के समय रास्ते में गिरे तार दिखाई नहीं देते, जिससे किसी भी समय राहगीरों या मवेशियों के साथ गंभीर दुर्घटना हो सकती है।
जेई ने जल्द कार्रवाई का दिया आश्वासन
मामले में संपर्क किए जाने पर संबंधित जूनियर इंजीनियर (जेई) ने बताया कि शिकायत की जानकारी मिल चुकी है। लाइनमैन और तकनीकी टीम को मौके पर भेजकर टूटे हुए तारों की मरम्मत और जर्जर विद्युत व्यवस्था को दुरुस्त कराने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने जल्द समस्या के समाधान का आश्वासन दिया।
ग्रामीणों की चेतावनी
ग्रामीणों ने मांग की है कि गांव में वर्षों पुराने जर्जर तारों को तत्काल बदला जाए तथा झुके हुए बिजली के पोलों की मरम्मत कराई जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समय रहते विभाग ने प्रभावी कार्रवाई नहीं की और कोई बड़ा हादसा हुआ, तो ग्रामीण विद्युत उपकेंद्र पर तालाबंदी, धरना-प्रदर्शन और चक्काजाम करने के लिए बाध्य होंगे।
