भदोही
संस्कृत है संस्कार की भाषा: जिला विद्यालय निरीक्षक
जनपद स्तर पर संस्कृत विद्यालयों की छात्र-छात्राओं ने निकाली जागरूकता रैली
संस्कृत के संरक्षण और विकास पर दिया गया जोर, विभिन्न विद्यालयों की रही सहभागिता
ज्ञानपुर (भदोही)। संस्कृत को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सोमवार को जनपद स्तर पर संस्कृत विद्यालयों एवं महाविद्यालयों के छात्र-छात्राओं द्वारा एक जागरूकता रैली निकाली गई। रैली को जिला विद्यालय निरीक्षक अंशुमान तथा विंध्याचल मंडल की उपनिरीक्षक मंजू शर्मा ने संयुक्त रूप से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
रैली का शुभारंभ काशिराज संस्कृत महाविद्यालय से हुआ, जो नगर भ्रमण करते हुए शीतल पाल तिराहा तक पहुंची और पुनः वापस आकर महाविद्यालय परिसर में संपन्न हुई। रैली में छात्र-छात्राओं ने संस्कृत भाषा के महत्व को दर्शाते हुए विभिन्न नारे लगाए और लोगों को जागरूक किया।
: डीआईओएस ने कहा—संस्कृत है संस्कार की आधारभाषा
कार्यक्रम के समापन पर जिला विद्यालय निरीक्षक अंशुमान ने कहा कि संस्कृत केवल एक भाषा नहीं, बल्कि संस्कारों की भाषा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार संस्कृत विद्यालयों के विकास के लिए प्रतिबद्ध है और शिक्षा विभाग इस दिशा में लगातार प्रयास कर रहा है।
उपनिरीक्षक मंजू शर्मा ने कहा कि संस्कृत भाषा में सभी भाषाओं का समावेश है और यह भारत की प्राचीनतम एवं आधारभूत भाषा है। उन्होंने कहा कि समय-समय पर इस भाषा को कमजोर करने के प्रयास हुए, लेकिन संस्कृत आज भी अपनी गरिमा के साथ जीवित है और निरंतर प्रगति कर रही है।
कई संस्कृत विद्यालयों की रही सक्रिय भागीदारी
रैली में श्री रामेश्वर संस्कृत महाविद्यालय उगापुर, श्री धर्महितकारिणी संस्कृत विद्यालय नई बाजार भदोही, संकट मोचन संस्कृत उत्तर माध्यमिक विद्यालय सुरियावां, श्री धर्मरक्षिणी संस्कृत उत्तर माध्यमिक विद्यालय परसीपुर रोटहां, सूर्यनारायण संस्कृत विद्यालय महाराजगंज सहित जनपद के अन्य विद्यालयों के शिक्षक एवं छात्र-छात्राएं शामिल रहे।
इस अवसर पर डीसी प्रदीप पांडेय, डॉ. महेश त्रिपाठी, राजीव पाठक, महेंद्र नाथ मिश्र, संजय गुप्ता, सतीश कुमार, विनय कुमार मिश्र, कामेश्वर कुमार मिश्र, निर्मल पाठक, शिवसागर पाण्डेय, श्यामधर पांडेय सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।
