बलिया
बेअसर अतिक्रमण हटाओ अभियान, कार्रवाई के बाद फिर सड़क पर कब्जा
प्रशासनिक कार्रवाई पर उठे सवाल, अभियान खत्म होते ही लौट आती है अतिक्रमण की समस्या
स्थानीय लोगों ने स्थायी समाधान और सख्त कार्रवाई की उठाई मांग, मूल मुद्दों पर ध्यान देने की अपील
बेल्थरारोड (बलिया)। नगर में सड़क किनारे बढ़ते अतिक्रमण को लेकर प्रशासन की कार्रवाई सवालों के घेरे में है। नगर पंचायत और उपजिलाधिकारी (एसडीएम) की ओर से समय-समय पर अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया जाता है, लेकिन इसका असर कुछ ही घंटों तक सीमित रह जाता है। अधिकारियों के लौटते ही दुकानदार दोबारा सड़क किनारे अपना सामान सजाकर कब्जा जमा लेते हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि अभियान के दौरान दुकानदार अस्थायी रूप से सामान पीछे कर लेते हैं, लेकिन कार्रवाई समाप्त होते ही स्थिति पहले जैसी हो जाती है। इसके कारण सड़कें संकरी हो रही हैं और यातायात व्यवस्था लगातार प्रभावित हो रही है। नगर के प्रमुख मार्गों पर आए दिन जाम लगने से राहगीरों और वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
नागरिकों का कहना है कि जब तक प्रशासन नियमित निगरानी और दंडात्मक कार्रवाई नहीं करेगा, तब तक अतिक्रमण की समस्या का स्थायी समाधान संभव नहीं है। उनका मानना है कि केवल औपचारिक अभियान चलाने से समस्या खत्म नहीं होगी।
इस बीच, कुछ प्रबुद्ध नागरिकों ने व्यापार मंडल की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि नगर की मूल समस्याओं को उठाने के बजाय कुछ लोग गुमटियों के शुल्क जैसे मुद्दों को लेकर राजनीति कर रहे हैं, जबकि यह शुल्क सरकारी नियमों के अनुसार नगर पंचायत में जमा होता है।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन, जनप्रतिनिधियों और व्यापारिक संगठनों से नगरहित को प्राथमिकता देते हुए अतिक्रमण की समस्या का स्थायी और प्रभावी समाधान सुनिश्चित करने की मांग की है।
