वाराणसी
प्रसव के दौरान आशा कार्यकर्ता की मौत के मामले में डॉक्टर पर ₹25 हजार, नर्स पर ₹10 हजार का इनाम घोषित
ऑपरेशन के बाद महिला का पेट बिना सिले छोड़कर फरार हुए थे आरोपित, अस्पताल पहले ही हो चुका है सील
पुलिस की छापेमारी जारी, स्वास्थ्य विभाग भी निजी अस्पतालों की जांच में जुटा
सोनभद्र। देवाटन चौराहे पर संचालित ग्लोबल हॉस्पिटल एंड सर्जिकल सेंटर में प्रसव के दौरान आशा कार्यकर्ता की मौत के मामले में पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा ने फरार डॉक्टर और नर्स की गिरफ्तारी पर इनाम घोषित किया है। पुलिस अधीक्षक ने आरोपित डॉक्टर नसीम अहमद पर 25 हजार रुपये तथा नर्स सलमा पर 10 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है।
दोनों आरोपित घटना के बाद से फरार हैं और उनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है।
ऑपरेशन के दौरान हुई थी आशा कार्यकर्ता की मौत
बागेसोती गांव निवासी 30 वर्षीय आशा कार्यकर्ता सीमा देवी की शनिवार की भोर में निजी अस्पताल में ऑपरेशन के जरिए प्रसव के दौरान मौत हो गई थी। आरोप है कि ऑपरेशन के बाद महिला का पेट बिना सिले छोड़कर डॉक्टर और नर्स मौके से फरार हो गए थे।
घटना के बाद परिजनों ने अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा किया। सूचना मिलने पर उपजिलाधिकारी विवेक कुमार और स्वास्थ्य विभाग की टीम मौके पर पहुंची तथा मामले की जांच शुरू की गई।
अस्पताल सील, दर्ज हुआ मुकदमा
मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने अस्पताल के संचालन और उपचार संबंधी दस्तावेजों की जांच कराई। जांच के दौरान अस्पताल को एसडीएम की मौजूदगी में सील कर दिया गया।
डिप्टी सीएमओ डॉ. कीर्ति आजाद बिंद की तहरीर पर कोन थाना में संबंधित आरोपितों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।
बिना वैध अनुमति के चल रहा था अस्पताल
कोन थाना प्रभारी निरीक्षक अखिलेश कुमार मिश्रा ने बताया कि पुलिस जांच में सामने आया है कि अस्पताल में बिना वैध अनुमति के इलाज और ऑपरेशन किए जा रहे थे। मुकदमे में नामजद डॉक्टर नसीम अहमद पुत्र सरफुद्दीन निवासी खरौंधी और नर्स सलमा निवासी देवाटन घटना के बाद से फरार हैं।
पुलिस अधीक्षक ने कहा है कि दोनों आरोपितों की गिरफ्तारी अथवा गिरफ्तारी में सहायक सूचना देने वाले व्यक्ति को घोषित इनाम राशि प्रदान की जाएगी। गिरफ्तारी करने वाली पुलिस टीम भी इस इनाम की हकदार होगी।
झोलाछाप चिकित्सकों के खिलाफ कार्रवाई के संकेत
घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग ने क्षेत्र में संचालित निजी अस्पतालों और क्लीनिकों की जांच तेज कर दी है। प्रशासन ने बिना मान्यता और आवश्यक अनुमति के संचालित चिकित्सा संस्थानों पर सख्त कार्रवाई के संकेत दिए हैं।
उपजिलाधिकारी विवेक कुमार ने स्पष्ट किया कि क्षेत्र में बिना मान्यता और निर्धारित अनुमति के कोई भी चिकित्सक बड़े ऑपरेशन नहीं कर सकेगा। प्रशासन ऐसे संस्थानों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने की तैयारी में है।
