वाराणसी
ऑटो चालक के बेटे अभय ने एशियन एथलेटिक्स में जीता कांस्य, वाराणसी का बढ़ाया मान
हांगकांग में अंडर-20 एशियन एथलेटिक्स चैंपियनशिप की 4×400 मीटर रिले में भारत को दिलाया पदक
संघर्ष, संकल्प और मेहनत से अंतरराष्ट्रीय मंच पर चमका वाराणसी का युवा खिलाड़ी
वाराणसी। संकल्प, संघर्ष और कड़ी मेहनत के दम पर वाराणसी के अभय कुमार दुबे ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर तिरंगा लहराते हुए पूरे पूर्वांचल को गौरवान्वित किया है। ऑटो चालक के बेटे अभय कुमार दुबे ने रविवार को हांगकांग (चीन) में आयोजित एशियन एथलेटिक्स अंडर-20 चैंपियनशिप की पुरुष 4×400 मीटर रिले स्पर्धा में कांस्य पदक जीतकर भारत का नाम रोशन किया।
भारतीय पुरुष 4×400 मीटर रिले टीम का हिस्सा रहे अभय और उनके साथियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 3 मिनट 05.54 सेकंड का समय निकाला और देश को कांस्य पदक दिलाया। इस उपलब्धि के बाद वाराणसी में खुशी की लहर है। एथलेटिक्स में लंबे समय बाद शहर के किसी खिलाड़ी ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत के लिए पदक हासिल किया है।
सीमित संसाधनों के बीच हासिल की बड़ी सफलता
अभय कुमार दुबे वाराणसी के विकास इंटर कॉलेज के छात्र हैं। कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. ए.के. सिंह ने बताया कि अभय के पिता प्रेम चंद्र दुबे ऑटो चालक हैं। सीमित संसाधनों और आर्थिक चुनौतियों के बावजूद अभय ने अपने अथक परिश्रम, अनुशासन और समर्पण के बल पर यह मुकाम हासिल किया है।
उन्होंने कहा कि अभय की यह उपलब्धि जिले के अन्य खिलाड़ियों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनेगी। हांगकांग से लौटने पर उनका भव्य स्वागत किया जाएगा।
चार वर्षों की मेहनत ने दिलाई अंतरराष्ट्रीय पहचान
अभय पिछले चार वर्षों से डॉ. भीमराव अंबेडकर क्रीड़ा संकुल, बड़ा लालपुर में क्रीड़ा अधिकारी डॉ. मंजूर आलम अंसारी के मार्गदर्शन में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। नियमित अभ्यास और अनुशासित जीवनशैली ने उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
युवाओं के लिए प्रेरणा बनी अभय की सफलता
अभय कुमार दुबे का यह कांस्य पदक केवल उनकी व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं है, बल्कि उन सभी युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा है जो सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े सपने देखने और उन्हें पूरा करने का साहस रखते हैं। उनकी सफलता यह साबित करती है कि मजबूत इरादों और निरंतर मेहनत के सामने कोई भी बाधा बड़ी नहीं होती।
अभय की इस उपलब्धि ने न केवल उनके परिवार को गौरवान्वित किया है, बल्कि पूरे वाराणसी और देश के युवाओं के लिए एक नई उम्मीद और प्रेरणा का संदेश भी दिया है।
