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वाराणसी

सीयूईटी-यूजी परीक्षा में सर्वर डाउन से हंगामा, दो घंटे की देरी से शुरू हुई परीक्षा

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तकनीकी खराबी से अभ्यर्थी और अभिभावक परेशान, दूसरी पाली की परीक्षा का समय भी बदला गया

वाराणसी समेत प्रदेश भर के केंद्रों पर असर, एनटीए ने सर्वर समस्या को बताया वजह

वाराणसी। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) द्वारा आयोजित सीयूईटी-यूजी 2026 परीक्षा शनिवार को तकनीकी गड़बड़ी की भेंट चढ़ गई। सर्वर में आई खराबी के कारण सुबह नौ बजे शुरू होने वाली परीक्षा निर्धारित समय पर शुरू नहीं हो सकी, जिससे परीक्षा केंद्रों पर अफरातफरी का माहौल बन गया। वाराणसी के कई परीक्षा केंद्रों सहित प्रदेश भर में अभ्यर्थियों और अभिभावकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।

सुबह नौ बजे की परीक्षा 11 बजे से हुई शुरू

शहर के लोहता स्थित शीतला इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी में सीयूईटी परीक्षा का केंद्र बनाया गया था। यहां सुबह नौ बजे शुरू होकर 10 बजे समाप्त होने वाली परीक्षा सर्वर डाउन होने के कारण निर्धारित समय पर शुरू नहीं हो सकी। करीब दो घंटे की देरी के बाद सुबह 11 बजे परीक्षा शुरू कराई गई। परीक्षा समाप्त होने के बाद अभ्यर्थियों ने राहत की सांस ली।

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असमंजस में रहे अभ्यर्थी और अभिभावक

दूर-दराज से परीक्षा देने पहुंचे अभ्यर्थियों को काफी देर तक यह जानकारी नहीं मिल सकी कि परीक्षा होगी, स्थगित होगी या समय बदला जाएगा। स्पष्ट सूचना न मिलने के कारण अभ्यर्थी और उनके अभिभावक लंबे समय तक असमंजस और चिंता में रहे। कई छात्रों ने बताया कि तकनीकी समस्या के कारण उन्हें मानसिक तनाव का सामना करना पड़ा।

दूसरी पाली की परीक्षा का समय भी बदला

सर्वर की समस्या का असर दूसरी पाली की परीक्षा पर भी पड़ा। पहले यह परीक्षा दोपहर तीन बजे निर्धारित थी, लेकिन बाद में इसका समय बढ़ाकर शाम चार बजे कर दिया गया। बीएचयू सहित विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर नोटिस जारी कर अभ्यर्थियों को समय परिवर्तन की जानकारी दी गई।

पूरे प्रदेश में रही तकनीकी समस्या

परीक्षा केंद्रों पर मौजूद अधिकारियों ने बताया कि यह समस्या केवल वाराणसी तक सीमित नहीं थी, बल्कि प्रदेश के अन्य केंद्रों पर भी सर्वर डाउन होने के कारण परीक्षा प्रभावित हुई। एनटीए की ओर से इसे टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) के सर्वर में आई तकनीकी खराबी बताया गया है।

अभिभावकों ने उठाए सवाल

परीक्षा में देरी और अव्यवस्था को लेकर अभिभावकों ने चिंता जताई। उनका कहना था कि ऐसी तकनीकी समस्याएं परीक्षा की विश्वसनीयता और पारदर्शिता पर सवाल खड़े करती हैं। कई अभिभावकों ने आशंका जताई कि बार-बार होने वाली तकनीकी गड़बड़ियों से छात्रों के भविष्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।

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पारदर्शी परीक्षा के दावों पर उठे प्रश्न

एनटीए लगातार पारदर्शी और तकनीक आधारित परीक्षा प्रणाली का दावा करता रहा है, लेकिन सीयूईटी-यूजी परीक्षा के दौरान हुई इस तकनीकी गड़बड़ी ने एक बार फिर परीक्षा प्रबंधन को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। छात्रों का कहना है कि भविष्य में ऐसी समस्याओं से बचने के लिए मजबूत तकनीकी व्यवस्था सुनिश्चित की जानी चाहिए, ताकि परीक्षार्थियों को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।

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