वाराणसी
दंपत्ति का निजी वीडियो इंस्टाग्राम पर किया सार्वजनिक, कोर्ट के आदेश पर केस दर्ज
वाराणसी। एक विवाहित जोड़े का व्यक्तिगत वीडियो इंस्टाग्राम पर सार्वजनिक किए जाने का गंभीर मामला सामने आया है। इस घटना को लेकर लालपुर-पांडेयपुर थाने की पुलिस ने अदालत के आदेश के बाद सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) अधिनियम और अन्य सुसंगत धाराओं के तहत केस दर्ज किया है। पीड़ित दंपत्ति ने आरोप लगाया है कि एक महिला के मोबाइल फोन का इस्तेमाल कर इंस्टाग्राम आईडी तैयार की गई है, जिसके जरिए उनके निजी वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित किए जा रहे हैं।
शिकायत का संज्ञान लेते हुए लालपुर-पांडेयपुर थाना पुलिस ने कानूनी धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। पीड़ित पक्ष द्वारा चिन्हित किए गए सोशल मीडिया अकाउंट पर अत्यधिक आपत्तिजनक सामग्री मौजूद है। वर्तमान में पुलिस इस विवादित अकाउंट को बंद करवाने की प्रक्रिया में जुटी है और नामजद आरोपियों की धरपकड़ के लिए दबिश दे रही है।
मामले की पृष्ठभूमि के बारे में दंपत्ति ने न्यायालय को अवगत कराया कि उनका एक अत्यंत व्यक्तिगत वीडियो एक ऐसी इंस्टाग्राम आईडी से साझा किया गया है, जो मिर्जापुर जिले के कछवां थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम बरौनी की निवासी किरन यादव के मोबाइल नंबर/हैंडसेट से निर्मित की गई है। इस सोशल मीडिया प्रोफाइल पर कई तरह के अश्लील पोस्ट डाले गए हैं।
पीड़ित पति के अनुसार, इस अकाउंट पर उनकी पत्नी का वीडियो अपलोड किया गया है, जिससे समाज में उनके परिवार की प्रतिष्ठा और छवि धूमिल हो रही है। इस वीडियो को 16 दिसंबर 2025 को इंटरनेट पर पोस्ट किया गया था।
पीड़ित जोड़े ने बताया कि इस कृत्य की जानकारी मिलने के बाद उन्होंने संबंधित महिला से संपर्क साधा और उनसे वीडियो हटाने का अनुरोध किया था। हालांकि, आरोपी पक्ष ने वीडियो डिलीट करने से साफ इनकार कर दिया और इसके एवज में उन्हें जान से मारने की धमकी देने के साथ-साथ अपशब्दों का प्रयोग किया। दंपत्ति ने सबसे पहले लालपुर-पांडेयपुर थाने में लिखित शिकायत दी थी, परंतु वहां कोई उचित कदम नहीं उठाया गया।
इसके पश्चात पीड़ितों ने साइबर क्राइम थाने में भी अपनी गुहार लगाई, लेकिन वहां से भी न्याय नहीं मिला। स्थानीय स्तर पर पुलिसिया कार्रवाई न होने के कारण अंततः उन्हें न्यायपालिका की शरण लेनी पड़ी।
इस मामले की सुनवाई करते हुए सिविल जज सीनियर डिवीजन फास्ट ट्रैक कोर्ट ने पटल पर रखे गए तमाम साक्ष्यों और प्रमाणों का अध्ययन करने के बाद स्थानीय पुलिस को तत्काल प्राथमिकी दर्ज करने के निर्देश दिए। अदालत के इस कड़े रुख के बाद पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 351(3), 352, 356(2) और आईटी एक्ट की धारा 67(A) के तहत मुकदमा पंजीकृत कर आगे की वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है।
दंपत्ति द्वारा पुलिस को उपलब्ध कराई गई इंस्टाग्राम आईडी पर अश्लील और अमर्यादित पोस्ट्स की भरमार है। आंकड़ों के अनुसार, दिसंबर 2025 से लेकर अब तक इस एकल आईडी से करीब 200 से अधिक सामग्रियां साझा की जा चुकी हैं। इनमें तस्वीरों के साथ-साथ कई आपत्तिजनक वीडियो भी शामिल हैं। फिलहाल, पुलिस प्रशासन इस पूरे नेटवर्क और मामले की सघनता से जांच कर रहा है।
