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गोरखपुर

पूर्वोत्तर रेलवे का पहला ‘कवच’ युक्त रेलखंड बना डोमिनगढ़-छपिया

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101.97 रूट किमी रेलखंड पर कमीशनिंग पूरी, 14 ब्लॉक सेक्शनों में टक्कर से बचाव में मिलेगी सुरक्षा

गोरखपुर। ट्रेनों के सुरक्षित संचालन को और मजबूत करने की दिशा में पूर्वोत्तर रेलवे ने महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। लखनऊ मंडल के डोमिनगढ़-स्वामी नारायण छपिया 101.97 रूट किमी रेलखंड पर स्टैंडर्ड ‘कवच’ प्रणाली की कमीशनिंग सफलतापूर्वक पूरी कर ली गई है। इसके साथ ही यह पूर्वोत्तर रेलवे का पहला स्टैंडर्ड ‘कवच’ युक्त रेलखंड बन गया है।

इस रेलखंड के डोमिनगढ़-जगतबेला सेक्शन में 26 अगस्त को लोको ट्रायल किया गया था। इसके बाद 31 अगस्त को कमीशनिंग पूरी कर ‘कवच’ प्रणाली को चालू कर दिया गया। ट्रायल के दौरान ‘कवच’ से लैस दो लोकोमोटिव के माध्यम से हेड-ऑन और रियर कोलिजन रोकने के लिए ऑटोमेटिक ब्रेकिंग का परीक्षण किया गया। एसओएस जनरेशन का भी सफल परीक्षण हुआ। दोनों लोको निर्धारित दूरी से पहले ही रुक गए, जिससे प्रणाली की प्रभावशीलता साबित हुई।

14 ब्लॉक सेक्शन में बढ़ेगी सुरक्षा

‘कवच’ के संचालन से रेलखंड के 14 ब्लॉक सेक्शनों में आमने-सामने और पीछे से होने वाली संभावित टक्कर को रोकने में मदद मिलेगी। जरूरत पड़ने पर प्रणाली स्वतः ब्रेक लगाकर ट्रेन को सुरक्षित रोक सकती है। साथ ही अधिकतम अनुमन्य गति पर सुरक्षित संचालन और घने कोहरे जैसी प्रतिकूल परिस्थितियों में भी सुरक्षा बढ़ाने में मदद मिलेगी।

रेल मंत्रालय ने पूर्वोत्तर रेलवे के 2,101 रूट किमी रेलखंडों पर करीब 787.21 करोड़ रुपये की लागत से ‘कवच’ लगाने की मंजूरी दी है। पहले चरण में 551 रूट किमी प्रमुख रेल मार्गों पर कार्य तेजी से चल रहा है। डोमिनगढ़-स्वामी नारायण छपिया रेलखंड की कमीशनिंग को इसी दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।

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