गोरखपुर
स्वाइन फ्लू को लेकर गोरखपुर में तैयारी पूरी, जिला अस्पताल
एम्स और बीआरडी में बने वार्ड
जिला अस्पताल में 14, एम्स में 24 और बीआरडी मेडिकल कॉलेज में 20 बेड आरक्षित; सीएमओ बोले- अभी जिले में कोई मरीज नहीं
गोरखपुर। स्वाइन फ्लू के बढ़ते खतरे को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने गोरखपुर में तैयारियां तेज कर दी हैं। शासन से मिले निर्देशों के बाद जिला अस्पताल, एम्स और बीआरडी मेडिकल कॉलेज में अलग-अलग वार्ड तैयार किए गए हैं। जिला अस्पताल में 14 बेड, एम्स में 24 बेड और बीआरडी मेडिकल कॉलेज में 20 बेड का स्वाइन फ्लू वार्ड बनाया गया है। अस्पतालों में मरीजों के उपचार के लिए दवाओं, मास्क, सैनिटाइजर, ऑक्सीजन और अन्य जरूरी संसाधनों की व्यवस्था की गई है।
गोरखपुर जिला अस्पताल की ओपीडी में इन दिनों बुखार, सर्दी और जुकाम की शिकायत लेकर रोजाना सैकड़ों मरीज पहुंच रहे हैं। स्वाइन फ्लू के मिलते-जुलते लक्षण वाले मरीजों की विशेष निगरानी की जा रही है। चिकित्सकों को संदिग्ध मरीजों की पहचान कर आवश्यक जांच और उपचार के निर्देश दिए गए हैं।
स्वाइन फ्लू वार्ड में ऑक्सीजन सिलेंडर, वेंटिलेटर और जीवनरक्षक दवाओं का पर्याप्त स्टॉक रखा गया है। वार्ड में तैनात डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ को मरीजों के उपचार के दौरान सावधानी बरतने तथा सुरक्षा किट का इस्तेमाल करने के निर्देश दिए गए हैं।
अभी जिले में कोई मरीज नहीं : अधिकारी
जिला चिकित्सालय के एसआईसी डॉ. आरडी रमन ने बताया कि अस्पताल में 14 बेड का अलग वार्ड तैयार किया गया है। दवाओं, मास्क और सैनिटाइजर समेत बचाव के सभी जरूरी इंतजाम किए गए हैं। उन्होंने कहा कि फिलहाल गोरखपुर में स्वाइन फ्लू का कोई खतरा नहीं है। लोगों को बीमारी को लेकर घबराने की जरूरत नहीं है। समय पर चिकित्सकीय सलाह लेने पर इसका उपचार संभव है।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी राजेश झा ने बताया कि इस बार प्रदेश में स्वाइन फ्लू के मामले बढ़ने की संभावना को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने पहले से तैयारी कर ली है। पोर्टल पर गोरखपुर से संबंधित दो लोगों के नाम दर्ज हैं, लेकिन दोनों लखनऊ के निवासी हैं और उनकी स्थिति सामान्य बताई गई है। गोरखपुर में अभी तक कोई मरीज सामने नहीं आया है।
उन्होंने बताया कि एम्स और बीआरडी मेडिकल कॉलेज में जांच की सुविधा उपलब्ध है। जिले के सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को भी सतर्क रखा गया है। किसी भी स्थिति से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीमें तैयार हैं।
बचाव के लिए सावधानी जरूरी
सीएमओ ने लोगों से भीड़भाड़ वाले स्थानों पर जाने से बचने अथवा मास्क का इस्तेमाल करने की अपील की। खांसते या छींकते समय नाक और मुंह को रूमाल से ढकने, हाथों को साबुन और पानी से बार-बार धोने तथा पर्याप्त मात्रा में पानी और तरल पदार्थ लेने की सलाह दी गई है। उन्होंने कहा कि बुखार या संक्रमण जैसे लक्षण होने पर चिकित्सक से संपर्क करें और बिना सलाह के दवा या एंटीबायोटिक न लें।
