गोरखपुर
नोटिस तक सीमित रही कार्रवाई, सचिवों पर लाखों के भुगतान के आरोप
शासनादेश के विपरीत भुगतान का मामला, जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका पर भी उठे सवाल
बिना अनुमोदन भुगतान और परियोजनाओं के मूल्यांकन के बगैर रकम जारी करने का आरोप, ग्रामीणों ने जांच की मांग की
सांथा (संतकबीरनगर)। सांथा विकासखंड में दो ग्राम पंचायत सचिवों द्वारा शासनादेश के विपरीत लाखों रुपये का भुगतान किए जाने का मामला सामने आया है। आरोप है कि जुलाई माह में प्रशासक के कार्यकाल के दौरान दोनों सचिवों ने जिला पंचायत राज अधिकारी और जिलाधिकारी से आवश्यक अनुमोदन प्राप्त किए बिना ही भुगतान कर दिया। मामले में कार्रवाई के नाम पर दोनों सचिवों को केवल नोटिस जारी किए जाने से सवाल खड़े हो रहे हैं।
बिना अनुमोदन भुगतान का आरोप
जानकारी के अनुसार, दोनों ग्राम पंचायत सचिवों ने अपने-अपने प्रभार वाले गांवों में प्रशासक के कार्यकाल के दौरान कई मदों में लाखों रुपये का भुगतान किया। आरोप है कि यह भुगतान शासनादेश में निर्धारित प्रक्रिया का पालन किए बिना किया गया।
ग्रामीणों और शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि भुगतान से पहले आवश्यक अनुमोदन नहीं लिया गया। ऐसे में केवल नोटिस जारी किए जाने को लेकर विभागीय कार्रवाई की गंभीरता पर सवाल उठ रहे हैं।
परियोजनाओं के मूल्यांकन के बिना भुगतान का भी आरोप
आरोप यह भी है कि संबंधित सचिवों ने अपने प्रभार वाले गांवों में कराए गए विभिन्न विकास कार्यों और परियोजनाओं का विधिवत मूल्यांकन कराए बिना ही लाखों रुपये का भुगतान कर दिया। यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो इससे सरकारी धन के उपयोग और विकास कार्यों की गुणवत्ता को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो सकते हैं।
मिलीभगत की आशंका जताई
शिकायतकर्ताओं का कहना है कि मामले में अभी तक कोई ठोस वैधानिक कार्रवाई न होने से अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं। उनका आरोप है कि कार्रवाई को केवल नोटिस तक सीमित रखकर मामले में लीपापोती की जा रही है। हालांकि, अधिकारियों की मिलीभगत के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
लोगों ने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने, भुगतान से संबंधित अभिलेखों और परियोजनाओं का सत्यापन कराने तथा अनियमितता पाए जाने पर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की मांग की है।
