जौनपुर
पूर्वांचल विश्वविद्यालय में ‘विकसित भारत @2047’ पर छात्र-छात्राओं ने दिखाई प्रतिभा
दीक्षोत्सव के तहत पोस्टर, काव्य लेखन और लोकनृत्य प्रतियोगिताओं का आयोजन, पुस्तक पठन कार्यक्रम भी हुआ
कुलपति बोलीं— संस्कृति, सृजनशीलता और राष्ट्रभावना को सशक्त बनाती हैं ऐसी गतिविधियां
जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय में दीक्षोत्सव कार्यक्रम के अंतर्गत गुरुवार को ‘विकसित भारत @2047’ विषय पर पोस्टर, काव्य लेखन एवं लोकनृत्य प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। प्रतियोगिताओं में छात्र-छात्राओं ने देशभक्ति, भारतीय संस्कृति और सामाजिक मूल्यों पर आधारित आकर्षक प्रस्तुतियां देकर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। देशभक्ति गीतों और लोकनृत्यों ने उपस्थित लोगों की खूब सराहना बटोरी।
कार्यक्रम में कुलपति प्रो. वंदना सिंह ने प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि संगीत, साहित्य और लोककला केवल मनोरंजन के साधन नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, राष्ट्रीय चेतना और सामाजिक मूल्यों को आगे बढ़ाने के प्रभावी माध्यम हैं। उन्होंने कहा कि जब युवा अपनी रचनात्मक क्षमता के माध्यम से राष्ट्रप्रेम और सांस्कृतिक विरासत को अभिव्यक्त करते हैं, तभी शिक्षा अपने वास्तविक उद्देश्य को प्राप्त करती है।
दीक्षोत्सव के अंतर्गत विश्वविद्यालय में ‘पुस्तक पठन’ कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया। कुलपति सभागार सहित विभिन्न विभागों में शिक्षक एवं छात्र-छात्राओं ने अपनी पसंद की पुस्तकों का अध्ययन किया और उन पर अपने विचार साझा किए। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में अध्ययन की रुचि विकसित करना तथा चिंतनशील दृष्टिकोण को बढ़ावा देना रहा।
कार्यक्रम के संयोजक डॉ. अनुराग मिश्र ने आयोजन की रूपरेखा प्रस्तुत की। इस अवसर पर कुलसचिव डॉ. विनोद सिंह, विश्वविद्यालय के शिक्षक, अधिकारी एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
