बलिया
सोनम वांगचुक को धरना स्थल से हटाना लोकतांत्रिक अधिकारों पर हमला: सुशील पाण्डेय
सपा जिला उपाध्यक्ष ने कार्रवाई को बताया अलोकतांत्रिक, सरकार से संवाद का रास्ता अपनाने की मांग
शांतिपूर्ण आंदोलन और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का सम्मान जरूरी: सपा प्रवक्ता
बलिया। समाजवादी पार्टी के जिला उपाध्यक्ष एवं प्रवक्ता सुशील पाण्डेय ‘कान्हजी’ ने जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे प्रख्यात पर्यावरणविद् सोनम वांगचुक को धरना स्थल से हटाए जाने की कार्रवाई की कड़ी निंदा की है। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों और संवैधानिक मूल्यों के खिलाफ बताया।
सुशील पाण्डेय ने कहा कि देश के प्रत्येक नागरिक को शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने और विरोध दर्ज कराने का संवैधानिक अधिकार प्राप्त है। अहिंसक आंदोलन को बलपूर्वक समाप्त करना लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए चिंता का विषय है।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में असहमति को स्थान मिलना चाहिए। सरकार की मजबूती विरोध की आवाज दबाने में नहीं, बल्कि जनता की भावनाओं और समस्याओं को सुनने में होती है। संवाद के माध्यम से ही किसी भी समस्या का स्थायी समाधान निकाला जा सकता है।
सपा प्रवक्ता ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि शांतिपूर्ण आंदोलनों के प्रति संवेदनशीलता दिखानी चाहिए और लोकतांत्रिक परंपराओं का पालन किया जाना चाहिए। उन्होंने मांग की कि सरकार दमनात्मक रवैया छोड़कर संवाद के माध्यम से समस्याओं का समाधान सुनिश्चित करे।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती तभी संभव है, जब हर नागरिक को अपनी बात रखने की स्वतंत्रता और सम्मान मिले।
