आजमगढ़
कमिश्नर के आदेश की अनदेखी का आरोप, लेखपाल-कानूनगो की कार्यशैली पर ग्रामीणों में आक्रोश
बूढ़नपुर तहसील के कौड़िया गांव में पैमाइश को लेकर विवाद, ग्रामीणों ने निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की उठाई मांग
एक पक्ष की जमीन की पैमाइश कर पत्थरगड्डी कराने का आरोप, प्रभावित खातेदारों ने जताई नाराजगी
आजमगढ़। बूढ़नपुर तहसील क्षेत्र के कौड़िया गांव में जमीन की पैमाइश को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। ग्रामीणों ने क्षेत्रीय लेखपाल और कानूनगो पर मनमानी करने और कमिश्नर के आदेश की अनदेखी करने का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की है।
ग्रामीणों का आरोप है कि जमीन विवाद के मामले में कमिश्नर आजमगढ़ द्वारा दोनों पक्षों की जमीन की पैमाइश करने का आदेश दिया गया था, लेकिन मौके पर पहुंचे लेखपाल और कानूनगो ने केवल एक पक्ष की जमीन की पैमाइश कर जबरन पत्थरगड्डी करा दी।
ग्रामीणों ने किया विरोध प्रदर्शन
ग्रामीणों का कहना है कि पैमाइश के दौरान वे लगातार अधिकारियों को कमिश्नर के आदेश की जानकारी देते रहे, लेकिन उनकी बातों को नजरअंदाज कर दिया गया। आरोप है कि एक पक्ष की पैमाइश के कारण अन्य खातेदारों की जमीन प्रभावित हो रही है।
इससे नाराज ग्रामीणों ने गांव में विरोध प्रदर्शन करते हुए लेखपाल और कानूनगो के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। ग्रामीणों का कहना है कि दोबारा निष्पक्ष टीम गठित कर सभी पक्षों की जमीन की पैमाइश कराई जाए।
पैसा लेकर गलत पैमाइश करने का लगाया आरोप
मीडिया से बातचीत में शेर सिंह राणा और राजाराम राजभर ने आरोप लगाया कि लेखपाल और कानूनगो ने गलत तरीके से पैमाइश कर उनकी जमीन में पत्थर गाड़ दिए। उन्होंने बताया कि कमिश्नर के आदेश की प्रति दिखाने के बावजूद अधिकारियों ने उनकी जमीन की पैमाइश करने से इनकार कर दिया।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि क्षेत्रीय लेखपाल और कानूनगो की कार्यप्रणाली पर उन्हें भरोसा नहीं है। उन्होंने मांग की कि वर्तमान टीम को हटाकर किसी अन्य टीम से निष्पक्ष पैमाइश कराई जाए, जिससे विवाद का समाधान हो सके।
निष्पक्ष जांच की मांग
ग्रामीणों ने उच्चाधिकारियों से पूरे मामले की जांच कराकर दोषी पाए जाने वाले कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है। उनका कहना है कि निष्पक्ष पैमाइश होने से ही सभी पक्षों को न्याय मिल सकेगा।
