बलिया
टाउन डिग्री कॉलेज को मिली ₹23.23 लाख की शोध परियोजना
प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए यूपी कृषि अनुसंधान परिषद ने सौंपी बड़ी जिम्मेदारी
1.45 करोड़ की तीन वर्षीय परियोजना में बलिया का महाविद्यालय करेगा शोध, रोजगार के अवसर भी होंगे सृजित
बलिया। श्री मुरली मनोहर टाउन स्नातकोत्तर महाविद्यालय (टाउन डिग्री कॉलेज) को प्राकृतिक खेती के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि मिली है। उत्तर प्रदेश कृषि अनुसंधान परिषद (UPCAR) ने 1.45 करोड़ रुपये की तीन वर्षीय शोध परियोजना स्वीकृत की है, जिसमें महाविद्यालय को 23.23 लाख रुपये की शोध परियोजना का दायित्व सौंपा गया है।
यह परियोजना “बागवानी, सब्जी एवं दलहनी फसलों में बायोटिक स्ट्रेस एवं खरपतवार प्रबंधन हेतु प्राकृतिक खेती आधारित पैकेज ऑफ प्रैक्टिसेज” विषय पर संचालित की जाएगी। इसका उद्देश्य रासायनिक खादों, कीटनाशकों और अन्य हानिकारक रसायनों के उपयोग को कम कर प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देना तथा मिट्टी की उर्वरता और पर्यावरण संरक्षण को मजबूत करना है।
कई संस्थानों के साथ मिलकर होगा शोध
कुल 1,45,13,400 रुपये की इस महत्वाकांक्षी परियोजना का नेतृत्व केंद्रीय उपोष्ण बागवानी संस्थान (सीआईएसएच), लखनऊ के प्रधान वैज्ञानिक करेंगे। इसमें लखनऊ, झांसी, कानपुर और बलिया के विभिन्न शोध एवं शैक्षणिक संस्थान सहभागी होंगे।
परियोजना के तहत टाउन डिग्री कॉलेज के सहायक आचार्य डॉ. जे.पी. सिंह को 23.23 लाख रुपये की धनराशि स्वीकृत की गई है। इस राशि से क्षेत्र में प्राकृतिक खेती, फसल संरक्षण और खरपतवार प्रबंधन पर व्यापक शोध कार्य किए जाएंगे।
तीन वर्षों तक मिलेंगे रोजगार के अवसर
इस परियोजना के अंतर्गत पादप रोग विज्ञान विभाग में तीन वर्षों के लिए विभिन्न पदों पर नियुक्तियां भी की जाएंगी। इससे शोध गतिविधियों को गति मिलने के साथ-साथ युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी उपलब्ध होंगे।
महाविद्यालय प्रशासन ने इसे बलिया के कृषि अनुसंधान, प्राकृतिक खेती और शैक्षणिक विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताते हुए उम्मीद जताई है कि इस परियोजना से किसानों को आधुनिक एवं टिकाऊ कृषि तकनीकों का लाभ मिलेगा।
