गोरखपुर
फर्जी माइक्रो फाइनेंस कंपनी बनाकर साइबर ठगी करने वाली महिला गिरफ्तार
कम ब्याज पर लोन दिलाने का झांसा देकर वसूलती थी प्रोसेसिंग फीस, लाखों की ठगी का खुलासा
साइबर थाना गोरखपुर की कार्रवाई, मोबाइल, सिम और बैंक दस्तावेज बरामद; गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी
गोरखपुर। गोरखपुर पुलिस की साइबर थाना टीम ने फर्जी माइक्रो फाइनेंस कंपनी के नाम पर लोगों से साइबर ठगी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए एक महिला को गिरफ्तार किया है। आरोपी कम ब्याज पर आसान ऋण दिलाने का झांसा देकर लोगों से प्रोसेसिंग फीस, रजिस्ट्रेशन शुल्क, बीमा और अन्य चार्ज के नाम पर ऑनलाइन धनराशि जमा कराती थी। रकम मिलते ही पीड़ितों से संपर्क तोड़ दिया जाता था।
पुलिस के अनुसार पीड़ितों की शिकायत पर साइबर थाना गोरखपुर में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई। मोबाइल नंबर, बैंक खातों, डिजिटल ट्रांजैक्शन और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के विश्लेषण के आधार पर आरोपी महिला की पहचान कर उसे गिरफ्तार किया गया।
जांच में सामने आया कि आरोपी सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से लोगों को कम ब्याज पर लोन दिलाने का लालच देती थी। जैसे ही कोई व्यक्ति ऋण लेने के लिए तैयार होता, उससे प्रोसेसिंग फीस और अन्य शुल्क के नाम पर अग्रिम भुगतान कराया जाता। रकम जमा होने के बाद न तो ऋण उपलब्ध कराया जाता और न ही जमा की गई धनराशि लौटाई जाती थी।
पुलिस ने आरोपी के कब्जे से घटना में प्रयुक्त मोबाइल फोन, सिम कार्ड, बैंक खातों से संबंधित दस्तावेज तथा अन्य डिजिटल साक्ष्य बरामद किए हैं। बरामद सामग्री की जांच की जा रही है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि इस गिरोह में और कितने लोग शामिल हैं तथा अब तक कितने लोगों को ठगी का शिकार बनाया गया है।
गोरखपुर पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी ऑनलाइन लोन या माइक्रो फाइनेंस कंपनी पर बिना सत्यापन के भरोसा न करें। किसी भी प्रकार की प्रोसेसिंग फीस या अग्रिम भुगतान करने से पहले कंपनी की वैधता की जांच अवश्य करें। साइबर ठगी की स्थिति में तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं या निकटतम साइबर थाने से संपर्क करें।
पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और साइबर ठगी नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है।
