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गोरखपुर

सांसद रवि किशन को मिला पर्सनालिटी राइट का सुरक्षा कवच

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दिल्ली हाईकोर्ट ने नाम, आवाज, तस्वीर और पहचान के दुरुपयोग पर लगाई रोक

AI-डीपफेक और भ्रामक डिजिटल सामग्री के खिलाफ अदालत का सख्त रुख

गोरखपुर। गोरखपुर सांसद और फिल्म अभिनेता रवि किशन शुक्ला को दिल्ली हाईकोर्ट से बड़ी कानूनी राहत मिली है। अदालत ने उनके नाम, तस्वीर, आवाज, चेहरा, व्यक्तित्व और सार्वजनिक पहचान (Personality Rights) को अंतरिम कानूनी संरक्षण प्रदान करते हुए बिना अनुमति इनके इस्तेमाल, व्यावसायिक शोषण और दुरुपयोग पर रोक लगा दी है।

अदालत ने सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर प्रसारित आपत्तिजनक, भ्रामक और फर्जी सामग्री को हटाने के निर्देश भी दिए हैं। यह फैसला डिजिटल दौर में बढ़ते AI और डीपफेक तकनीक के दुरुपयोग के बीच महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

AI और डीपफेक से पहचान के दुरुपयोग पर रोक

दिल्ली हाईकोर्ट ने 2 जुलाई 2026 को पारित आदेश में कहा कि रवि किशन की पहचान का इस्तेमाल आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), जनरेटिव AI, मशीन लर्निंग और डीपफेक तकनीक के जरिए किसी भी रूप में नहीं किया जा सकता।

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अदालत ने माना कि यदि तत्काल संरक्षण नहीं दिया गया तो उनकी प्रतिष्ठा और सार्वजनिक छवि को अपूरणीय नुकसान पहुंच सकता है।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से हटाई जाएगी आपत्तिजनक सामग्री

याचिका में बताया गया था कि पिछले कुछ समय से विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर रवि किशन के नाम और छवि का अनधिकृत इस्तेमाल किया जा रहा था। उनके नाम से भ्रामक, अश्लील और आपत्तिजनक ऑडियो-वीडियो सामग्री प्रसारित की गई थी।

अदालत ने इंस्टाग्राम, फेसबुक, एक्स (पूर्व ट्विटर), यूट्यूब समेत अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध ऐसी सामग्री को हटाने के निर्देश दिए हैं। साथ ही कहा है कि आदेश का पालन नहीं करने वाले प्लेटफॉर्म को भी आवश्यक कार्रवाई करनी होगी।

रवि किशन बोले- फर्जी सामग्री फैलाने वालों के खिलाफ बड़ा संदेश

फैसले के बाद रवि किशन ने कहा कि यह आदेश उन लोगों के लिए करारा जवाब है, जो लंबे समय से उनकी तस्वीर, आवाज और वीडियो का गलत इस्तेमाल कर सोशल मीडिया पर फर्जी और आपत्तिजनक सामग्री वायरल कर रहे थे।

उन्होंने कहा कि AI और डीपफेक जैसी तकनीकों का गलत इस्तेमाल कर किसी व्यक्ति की पहचान से छेड़छाड़ करना गंभीर अपराध है। यह फैसला केवल उनकी व्यक्तिगत जीत नहीं, बल्कि उन सभी लोगों की जीत है जिनकी पहचान और प्रतिष्ठा का बिना अनुमति इस्तेमाल किया जाता है।

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डिजिटल युग में पर्सनालिटी राइट्स की सुरक्षा की दिशा में अहम फैसला

कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, यह फैसला भारत में Personality Rights और Publicity Rights को लेकर एक महत्वपूर्ण न्यायिक उदाहरण है। इससे पहले भी कई सार्वजनिक हस्तियों को उनके व्यक्तित्व अधिकारों की सुरक्षा के लिए अदालतों से राहत मिल चुकी है।

रवि किशन को मिला यह सुरक्षा कवच डिजिटल दौर में सार्वजनिक हस्तियों की पहचान, छवि और प्रतिष्ठा की रक्षा के लिए न्यायपालिका के सख्त रुख को दर्शाता है।

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