मिर्ज़ापुर
मीरजापुर में शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना का शुभारंभ, 13,746 शिक्षा कर्मियों को मिलेगा लाभ
कैबिनेट मंत्री आशीष पटेल ने वितरित किए प्रतीकात्मक कार्ड, 1.82 लाख से अधिक छात्रों के खातों में पहुंची ₹1200 की डीबीटी राशि
मीरजापुर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा वाराणसी से मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना के शुभारंभ के साथ बुधवार को मीरजापुर के विकास भवन सभागार में भी भव्य कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रदेश के प्राविधिक शिक्षा एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री आशीष पटेल ने की। इस दौरान छानबे विधायक रिंकी कोल विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहीं।
13,746 शिक्षा कर्मियों को मिलेगा योजना का लाभ
कार्यक्रम में बताया गया कि जनपद के 5,466 शिक्षक, 442 अनुदेशक, 2,391 शिक्षामित्र, 5,307 रसोइये तथा कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय के 140 कार्मिक, कुल 13,746 शिक्षा कर्मी मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना से लाभान्वित होंगे। योजना के तहत पात्र लाभार्थियों और उनके आश्रितों को ₹5 लाख तक की कैशलेस चिकित्सा सुविधा मिलेगी।
‘इलाज के लिए अब नहीं होगी आर्थिक चिंता’
कैबिनेट मंत्री आशीष पटेल ने कहा कि यह योजना शिक्षकों और उनके परिवारों के लिए बड़ी राहत है। अब गंभीर बीमारी की स्थिति में इलाज के लिए आर्थिक परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आयुष्मान भारत योजना की तर्ज पर प्रदेश सरकार ने शिक्षकों को स्वास्थ्य सुरक्षा प्रदान करने की दिशा में यह महत्वपूर्ण कदम उठाया है।
उन्होंने कहा कि शिक्षक समाज और राष्ट्र निर्माण की आधारशिला हैं। सरकार उनके सम्मान, सुरक्षा और कल्याण के लिए लगातार कार्य कर रही है ताकि वे पूरी निष्ठा के साथ विद्यार्थियों का भविष्य संवार सकें।
20 शिक्षकों को मिले प्रतीकात्मक कैशलेस कार्ड
कार्यक्रम के दौरान बेसिक शिक्षा परिषद के 20 शिक्षकों तथा दो शिक्षकों के पूरे परिवार को प्रतीकात्मक कैशलेस चिकित्सा कार्ड प्रदान किए गए।
1.82 लाख से अधिक छात्रों के खातों में पहुंची डीबीटी
मुख्यमंत्री के वर्चुअल कार्यक्रम के दौरान जनपद में कक्षा 1 से 8 तक के 1,82,975 छात्र-छात्राओं के अभिभावकों के बैंक खातों में ₹1200 प्रति छात्र की दर से डीबीटी राशि हस्तांतरित की गई। यह राशि यूनिफॉर्म, जूते, मोजे, स्वेटर, स्कूल बैग एवं अन्य शैक्षणिक सामग्री की खरीद के लिए भेजी गई है।
100 प्रतिशत नामांकन पर जोर
कार्यक्रम के अंत में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अनिल कुमार वर्मा ने सभी अधिकारियों एवं शिक्षकों को निर्देश दिया कि 3 वर्ष की आयु पूरी करने वाले सभी बच्चों का आंगनबाड़ी और बाल वाटिका में तथा 6 वर्ष आयु पूरी करने वाले सभी बच्चों का कक्षा एक में शत-प्रतिशत नामांकन सुनिश्चित किया जाए। साथ ही 7 से 14 वर्ष आयु वर्ग के स्कूल से बाहर बच्चों का चिन्हांकन कर उन्हें विद्यालयों से जोड़ा जाए।
उन्होंने कहा कि बेसिक शिक्षा परिषद के विद्यालयों में अब पर्याप्त भौतिक संसाधन उपलब्ध हैं। ऐसे में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान कर सरकारी विद्यालयों को उत्कृष्ट बनाने की जिम्मेदारी शिक्षकों की है।
कार्यक्रम में अपर जिलाधिकारी (नमामि गंगे) विजेता, जिला विद्यालय निरीक्षक राजकुमार दीक्षित, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अनिल कुमार वर्मा, उप निदेशक कृषि विकेश पटेल, खंड शिक्षा अधिकारी एवं बड़ी संख्या में शिक्षक-शिक्षिकाएं उपस्थित रहीं।
