देवरिया
सात साल के लिव-इन रिश्ते को मिला वैवाहिक नाम, पुलिस ने कराई शादी
महिला थाने में जमा हुआ मैरिज सर्टिफिकेट, सात साल पुराने रिश्ते का हुआ वैधीकरण
देवरिया। सात वर्षों से लिव-इन रिलेशनशिप में रह रहे एक जोड़े का विवाह आखिरकार महिला थाना पुलिस की पहल पर संपन्न हो गया। ससुराल पक्ष द्वारा महिला को अपनाने से इनकार किए जाने के बाद उसने महिला थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। महिला थानाध्यक्ष पूनम यादव की काउंसलिंग और समझाइश के बाद युवक रजिस्टर्ड विवाह के लिए तैयार हो गया। कोर्ट मैरिज का प्रमाणपत्र महिला थाने में जमा करने के उपरांत दोनों ने एक-दूसरे को माला पहनाई और मिठाई खिलाकर खुशी साझा की। इसके बाद पुलिस ने दोनों को उनके बच्चों सहित घर के लिए रवाना किया।
रामपुर कारखाना थानाक्षेत्र के परारी गांव निवासी सीमा यादव ने 25 अप्रैल 2026 को महिला थाने में तहरीर देकर बताया था कि वह गांव के ही मुकेश यादव के साथ पिछले सात वर्षों से सूरत में रह रही थी। इस दौरान बिना विवाह के उनके दो बच्चे भी हुए। सीमा के अनुसार, जब वह ससुराल पहुंची तो परिवार के लोगों ने उसे अपने साथ रखने से मना कर दिया।
तहरीर प्राप्त होने के बाद महिला थानाध्यक्ष पूनम यादव ने दोनों पक्षों को मिशन शक्ति केंद्र में बुलाया। वहां कई चरणों में दोनों की काउंसलिंग की गई। इस दौरान थानाध्यक्ष ने मुकेश को स्पष्ट किया कि यदि वह रजिस्टर्ड विवाह नहीं करता है तो उसके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। इसके बाद मुकेश ने सीमा के साथ न्यायालय में विवाह कर लिया और विवाह प्रमाणपत्र महिला थाने में जमा कराया।
प्रमाणपत्र मिलने के बाद महिला थाने में ही मुकेश और सीमा ने एक-दूसरे को माला पहनाई तथा मिठाई खिलाई। महिला थाना पुलिस ने दोनों को उनके बच्चों के साथ घर के लिए विदा किया।
इस सुलह-समझौते की प्रक्रिया के दौरान थानाध्यक्ष पूनम यादव, पाराविधिक स्वयं सेवक सुमन पांडेय, पाराविधिक स्वयं सेवक ज्योति सिंह, गुड़िया यादव तथा मिशन शक्ति केंद्र की टीम मौजूद रही।
