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वाराणसी

25 सितंबर से शुरू होगी रामनगर की विश्वप्रसिद्ध रामलीला

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अगले रविवार को होगा मुख्य स्वरूपों का अंतिम चयन

वाराणसी। विश्वप्रसिद्ध रामनगर रामलीला की तैयारियां तेज हो गई हैं। इस वर्ष रामलीला का शुभारंभ 25 सितंबर से होगा। इसके लिए भगवान राम, लक्ष्मण, भरत, शत्रुघ्न और सीता सहित मुख्य स्वरूपों का अंतिम चयन अगले रविवार को रामनगर किले में आयोजित होने वाली दूसरे चरण की स्वर परीक्षा के बाद किया जाएगा।

मुख्य स्वरूपों के चयन की प्रक्रिया के तहत पहले चरण की स्वर परीक्षा शुक्रवार को रामनगर किले के ऐतिहासिक जवाहिरखाने की छत पर आयोजित की गई। परीक्षा में वाराणसी, चंदौली और मिर्जापुर जनपदों से आए दो दर्जन से अधिक बालकों ने भाग लिया। सभी प्रतिभागियों ने रामचरितमानस की चौपाइयों, श्लोकों और पारंपरिक संवादों का सस्वर पाठ कर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।

स्वर परीक्षा के दौरान काशीराज परिवार के अनंत नारायण सिंह स्वयं मौजूद रहे। उन्होंने रामलीला व्यास एवं अन्य वरिष्ठ सदस्यों के साथ प्रतिभागियों की आवाज, कंठ की मधुरता, उच्चारण की शुद्धता, संवाद अदायगी तथा बाल सुलभ कमनीयता का बारीकी से परीक्षण किया। रामनगर रामलीला की परंपरा के अनुसार मुख्य स्वरूपों के चयन में केवल अभिनय ही नहीं, बल्कि मधुर और स्पष्ट स्वर, धार्मिक ग्रंथों के शुद्ध पाठ तथा सहज व्यक्तित्व को भी विशेष महत्व दिया जाता है।

हालांकि लगातार हो रही बारिश के कारण पहले चरण की स्वर परीक्षा पूरी नहीं हो सकी। कई प्रतिभागियों का परीक्षण शेष रह जाने के कारण मुख्य स्वरूपों का अंतिम चयन टाल दिया गया। काशीराज परिवार के अनंत नारायण सिंह की सहमति से निर्णय लिया गया कि अगले रविवार को दूसरे चरण की परीक्षा आयोजित कर सभी प्रतिभागियों का परीक्षण पूरा किया जाएगा। इसके बाद राम, लक्ष्मण, भरत, शत्रुघ्न, सीता सहित अन्य प्रमुख पात्रों के स्वरूपों की आधिकारिक घोषणा की जाएगी।

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रामनगर किले से जुड़े कर्मचारियों और रामलीला व्यास ने बताया कि चयन प्रक्रिया पूरी तरह पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार संपन्न कराई जा रही है। पात्रों के चयन के बाद उन्हें नियमित संवाद, चौपाइयों के उच्चारण, मंचन शैली और धार्मिक मर्यादाओं का विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा, ताकि सदियों पुरानी इस विश्वविख्यात रामलीला की गरिमा और परंपरा अक्षुण्ण बनी रहे।

गौरतलब है कि रामनगर की रामलीला अपनी अनूठी परंपरा, जीवंत मंचन और धार्मिक आस्था के कारण देश-विदेश में विशेष पहचान रखती है। हर वर्ष लाखों श्रद्धालु इस ऐतिहासिक रामलीला के दर्शन के लिए रामनगर पहुंचते हैं। इस बार भी 25 सितंबर से शुरू होने वाली रामलीला को लेकर श्रद्धालुओं में उत्साह का माहौल है।

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