बलिया
पूर्व विधायक शारदानन्द अंचल की 80वीं जयंती पर दी गई श्रद्धांजलि
वक्ताओं ने कहा- शोषित, पिछड़ों, मजदूरों और नौजवानों के अधिकारों के लिए आजीवन संघर्ष करते रहे अंचल
बलिया। जनपद के सोबईबांध स्थित स्वतंत्रता संग्राम सेनानी वृंदावन मिश्र उपवन में रविवार को प्रख्यात समाजवादी नेता एवं पूर्व विधायक श्रद्धेय शारदानन्द अंचल की 80वीं जयंती श्रद्धापूर्वक मनाई गई। लोहिया संस्थान एवं लोकतंत्र सेनानी के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित स्मृति सभा में समाजवादी विचारधारा से जुड़े सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने भाग लेकर उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए।
कार्यक्रम की अध्यक्षता द्विजेंद्र कुमार मिश्रा ने की। सभा का शुभारंभ स्वर्गीय शारदानन्द अंचल के तैल चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन करने के साथ हुआ। इस दौरान वक्ताओं ने उनके व्यक्तित्व और संघर्षपूर्ण जीवन पर प्रकाश डाला।
अध्यक्षीय संबोधन में द्विजेंद्र कुमार मिश्रा ने कहा कि शारदानन्द अंचल सच्चे अर्थों में समर्पित समाजवादी नेता थे, जिन्होंने जीवनभर अपने सिद्धांतों से कभी समझौता नहीं किया। उन्होंने दबे-कुचले, शोषित, मजदूर और नौजवानों के अधिकारों के लिए लगातार संघर्ष किया।
सभा में शिव शरण तिवारी ने अंचल जी के राजनीतिक जीवन से जुड़ा एक संस्मरण साझा करते हुए बताया कि वर्ष 1980 में दमकिपा ने बिल्थरारोड विधानसभा से श्रद्धानन्द यादव को प्रत्याशी बनाया था, लेकिन अस्वस्थता के कारण उन्होंने अपना टिकट शारदानन्द अंचल को सौंप दिया। इसके बाद अंचल जी चुनाव जीतकर विधायक बने और क्षेत्र की जनता की सेवा में जुट गए।
वक्ताओं ने कहा कि अंचल जी कार्यकर्ताओं को परिवार का हिस्सा मानते थे और समाजवादी आंदोलन में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही। वे पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव के करीबी नेताओं में भी शामिल रहे।
कार्यक्रम में अजय बहादुर सिंह, संतोष कुमार शुक्ला, वासुदेव ठाकुर सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक और कार्यकर्ता मौजूद रहे। सभी ने उनके आदर्शों और संघर्षों को याद करते हुए उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।
