वाराणसी
व्योमेश शुक्ल को मिलेगा पं. कमलापति त्रिपाठी राष्ट्रीय पत्रकारिता-साहित्य पुरस्कार
तीन सितंबर को औरंगाबाद स्थित आवासीय परिसर में होगा समारोह, एक लाख रुपये की सम्मान राशि से होंगे सम्मानित
वाराणसी, 2 सितंबर। पं. कमलापति त्रिपाठी की जयंती के अवसर पर प्रत्येक वर्ष की परंपरा के अनुसार पं. कमलापति त्रिपाठी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं साहित्य पुरस्कार समारोह तीन सितंबर को अपराह्न 12:30 बजे औरंगाबाद स्थित उनके आवासीय परिसर में आयोजित किया जाएगा। इस वर्ष यह प्रतिष्ठित पुरस्कार युवा हिंदी साहित्यसेवी एवं रंगकर्मी व्योमेश शुक्ल को प्रदान किया जाएगा।
पं. कमलापति त्रिपाठी राष्ट्रीय स्तर के राजनेता होने के साथ ही ख्यातिलब्ध पत्रकार और साहित्यकार भी थे। हिंदी पत्रकारिता और साहित्य के क्षेत्र की प्रतिष्ठित विभूतियों के साथ उनका गहरा जुड़ाव रहा। वे काशी नागरी प्रचारिणी सभा के अध्यक्ष भी रहे, जिसका हिंदी भाषा एवं साहित्य के विकास में महत्वपूर्ण योगदान रहा है।
फाउंडेशन के अनुसार, व्योमेश शुक्ल वर्तमान में काशी नागरी प्रचारिणी सभा की गौरवशाली हिंदी सेवा परंपरा के पुनर्जागरण और पुनरुत्थान की दिशा में महत्वपूर्ण कार्य कर रहे हैं। इसी योगदान को देखते हुए उन्हें इस वर्ष का राष्ट्रीय पुरस्कार देने का निर्णय लिया गया है। पुरस्कार के तहत प्रशस्ति के साथ एक लाख रुपये की सम्मान राशि प्रदान की जाएगी।
फाउंडेशन के अध्यक्ष एवं पूर्व विधान परिषद सदस्य राजेशपति त्रिपाठी ने पत्रकार वार्ता में बताया कि समारोह की अध्यक्षता उत्तर प्रदेश सिंचाई आयोग के पूर्व अध्यक्ष विजय शंकर पाण्डेय करेंगे। पुरस्कार प्राप्तकर्ता एवं मुख्य अतिथि व्योमेश शुक्ल के अलावा जबलपुर की हिंदी हितकारिणी सभा की अध्यक्ष सुनयना पटेरिया विशिष्ट अतिथि होंगी।
उन्होंने बताया कि समारोह के अवसर पर पं. कमलापति त्रिपाठी के बहुआयामी व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर आधारित एक पुस्तिका का भी प्रकाशन किया गया है। फाउंडेशन आगामी दिनों में वाराणसी और आसपास के जनपदों के चुनिंदा विद्यालयों के विद्यार्थियों के लिए पं. कमलापति त्रिपाठी के व्यक्तित्व एवं योगदान पर क्विज प्रतियोगिता भी आयोजित करेगा।
उल्लेखनीय है कि इससे पूर्व मृणाल पांडे, विनोद दुआ, पुण्य प्रसून वाजपेयी, प्रो. काशीनाथ सिंह, अशोक वानखेड़े और ब्रजेश मिश्र समेत अनेक वरिष्ठ संपादक, पत्रकार एवं साहित्यकार इस पुरस्कार से सम्मानित हो चुके हैं।
