वाराणसी
लालची मां ने बेटी का किया सौदा, मुख्य आरोपी समेत तीन गिरफ्तार
मदद के बहाने ऑटो चालक ने भी किया दुष्कर्म
वाराणसी। जिले के सारनाथ थाना पुलिस ने मानव तस्करी और यौन शोषण के एक बेहद संवेदनशील मामले का भंडाफोड़ करते हुए पीड़िता की सगी मां सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। एक नाबालिग लड़की की शिकायत पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने इस घिनौने अपराध में लिप्त दो पुरुषों और पीड़िता की मां को जेल भेज दिया है। मुख्य आरोपी ने पीड़िता को डरा-धमकाकर चार महीने तक बंधक बनाए रखा और उसके बाद उसे एक ऑटो चालक के हवाले कर दिया, जिसने भी उसके साथ दुष्कर्म किया।
सारनाथ के थाना प्रभारी पंकज त्रिपाठी के अनुसार, पुलिस को क्षेत्र में एक नाबालिग लड़की के होने और उसकी चीख-पुकार सुने जाने की सूचना मिली थी। इस पर त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम ने लाल क्वार्टर पहाड़िया (थाना सारनाथ) में अस्थाई रूप से रह रहे झारखंड निवासी रवि वर्मा को हिरासत में लिया और नाबालिग को सकुशल रेस्क्यू कर थाने लाई। थाने में पीड़िता ने पुलिस अधिकारियों के समक्ष अपनी आपबीती बयान की और लिखित शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद इस पूरे घटनाक्रम का खुलासा हुआ। फिलहाल पीड़िता को वन स्टॉप सेंटर भेजा गया है।
ट्रेन के सफर के दौरान रची गई साजिश
थाना प्रभारी ने पीड़िता की तहरीर के हवाले से बताया कि करीब चार महीने पहले लड़की और उसकी मां की मुलाकात ट्रेन में चंदौली जिले के बलुआ थाना अंतर्गत हरधन निवासी लहरू यादव नाम के व्यक्ति से हुई थी। उसी मुलाकात के दौरान लहरू यादव ने लड़की की मां के सामने उसे खरीदने का प्रस्ताव रखा था। आरोपी ने दावा किया था कि उसकी पत्नी का देहांत हो चुका है और वह इस लड़की से विवाह करना चाहता है।
10 साड़ियों और 16 हजार रुपये में सौदा
पीड़िता के बयान के मुताबिक, उसकी मां ने मात्र 10 बनारसी साड़ियों और 16 हजार रुपये नकद के बदले अपनी ही बेटी का सौदा लहरू यादव से कर दिया। रकम और साड़ियां मिलने के बाद मां ने बेटी को आरोपी के सुपुर्द कर दिया। लहरू यादव उसे चंदौली ले गया और औपचारिकता पूरी करने के लिए एक मंदिर में उसके साथ विवाह का ढोंग रचा। खुद को युवा दिखाने के उद्देश्य से आरोपी दिल्ली भी गया था, जहां उसने हेयर ट्रांसप्लांट कराया था। इसके बाद वह पीड़िता को लगातार डरा-धमकाकर अपने पास रखने लगा।
चार महीने तक बंधक बनाकर शोषण, फिर दूसरे के हाथ बेचा
लड़की ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया है कि लहरू यादव ने उसे चार महीने तक बंधक बनाए रखा और प्रतिदिन दो से तीन बार उसके साथ दुष्कर्म किया। इसके बाद वह पीड़िता को बनारस के मंडुआडीह स्टेशन लेकर आया। वहां उसने लड़की को रवि वर्मा नाम के एक ऑटो चालक को सौंप दिया और खुद वहां से चला गया। ऑटो चालक ने मदद करने का झांसा देकर लड़की को सारनाथ इलाके में स्थित अपने कमरे पर बंधक बना लिया और उसके साथ भी दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया। स्थानीय निवासियों द्वारा लड़की को देखने और उसकी चीखें सुनने के बाद मामले की जानकारी पुलिस तक पहुंची।
जमीन बेचकर अय्याशी कर रहा था आरोपी, सभी जेल भेजे गए
पुलिस ने मुख्य आरोपी रवि वर्मा की गिरफ्तारी के बाद उसकी निशानदेही पर मुख्य खरीदार लहरू यादव को दबोचा और अंततः पीड़िता की मां को भी गिरफ्तार कर लिया। जांच में यह तथ्य सामने आया है कि लहरू यादव ने हाल ही में अपनी जमीन 17 लाख रुपये में बेची थी और पत्नी की मौत के बाद वह इस राशि को अय्याशी में उड़ा रहा था। पुलिस की पूछताछ में पीड़िता की मां ने झांसे में आकर अपनी बेटी का सौदा करने का अपराध स्वीकार कर लिया है। पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ विधिक कार्रवाई करते हुए उन्हें जेल भेज दिया है।
