Connect with us

धर्म-कर्म

महाशिवरात्रि 15 फरवरी को, तीन दिन पहले से शुरू होंगे विवाह अनुष्ठान

Published

on

Loading...
Loading...

वाराणसी। शिव और शक्ति के महामिलन का पर्व महाशिवरात्रि इस वर्ष 15 फरवरी 2026 को मनाया जाएगा। बीएचयू के ज्योतिष विभाग के पूर्व अध्यक्ष प्रो. विनय कुमार पांडेय के अनुसार, इस बार फाल्गुन कृष्ण चतुर्दशी का प्रारंभ 15 फरवरी को सायं 4:23 बजे से होगा, जो 16 फरवरी को सायं 5:10 बजे तक रहेगा। महाशिवरात्रि का पर्व निशीथ व्यापिनी फाल्गुन कृष्ण चतुर्दशी में मनाया जाता है, ऐसे में इसका पुण्यकाल 15 फरवरी की रात्रि में प्राप्त होगा।

महाशिवरात्रि के अवसर पर सनातन धर्मावलंबी व्रत, पूजन और रात्रि जागरण करेंगे। पर्व से तीन दिन पहले ही काशी में महादेव बाबा विश्वनाथ के विवाह के संपूर्ण लोकाचार आरंभ हो जाते हैं। इस दौरान पूरी काशी विवाहोत्सव के रंग में रंग जाती है। महाशिवरात्रि के दिन निकलने वाली अलौकिक शिव बारात की झांकी देखने और श्रीकाशी विश्वनाथ धाम में दर्शन के लिए देश-विदेश से श्रद्धालु काशी पहुंचते हैं।

यह पर्व केवल धार्मिक आस्था तक सीमित नहीं, बल्कि सामाजिक एकता और सांस्कृतिक धरोहर का भी प्रतीक है। इस दिन भक्तजन शिवलिंग पर जल, दूध, बेलपत्र सहित अन्य पूजन सामग्री अर्पित करते हैं और रात्रि जागरण करते हैं। शिव और शक्ति के मिलन का यह पर्व जीवन में संतुलन और समर्पण का संदेश देता है।

महाशिवरात्रि पर काशी में विशेष आयोजन होते हैं। मंदिरों में भव्य सजावट की जाती है और विविध धार्मिक अनुष्ठान संपन्न कराए जाते हैं। श्रद्धालु दूर-दूर से आकर महादेव के दर्शन करते हैं और उनकी कृपा की कामना करते हैं। इस अवसर पर काशी में विशेष मेले का आयोजन भी होता है, जिसमें धार्मिक व सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए जाते हैं।

महाशिवरात्रि के दिन काशी का वातावरण भक्तिमय हो उठता है। श्रद्धालुओं की भीड़, भक्ति गीतों की गूंज और मंदिरों की रौनक पर्व को विशेष बना देती है। यह आयोजन धार्मिक महत्व के साथ-साथ काशी की सांस्कृतिक विरासत को भी उजागर करता है।

Advertisement

Continue Reading
Advertisement
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Copyright © 2024 Jaidesh News. Created By Hoodaa

You cannot copy content of this page