बलिया
36 घंटे से बारिश का कहर, जनजीवन अस्त-व्यस्त; घरों में घुसा पानी
बिजली आपूर्ति ठप, डिजिटल लाइब्रेरी डूबी और पेट्रोल पंप की दीवारें ढहीं
मूसलाधार बारिश से बाढ़ जैसे हालात, ग्रामीणों ने मवेशियों संग दूसरे स्थानों पर ली शरण
बैरिया (बलिया)। क्षेत्र में पिछले 36 घंटों से जारी बारिश ने जनजीवन को पूरी तरह प्रभावित कर दिया है। कभी रुक-रुक कर तो कभी तेज हुई मूसलाधार बरसात से इलाके में बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए हैं। सड़कें, गलियां और खेत जलमग्न होने से लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
रविवार रात से सोमवार सुबह तक हुई तेज बारिश के कारण दयाछपरा गांव में कई घरों में पानी घुस गया। ग्रामीणों के अनुसार लालजी राम (अध्यापक), श्रीकृष्णा गोंड और मोतीलाल गोंड सहित कई परिवारों को अपने मवेशियों के साथ सुरक्षित स्थानों पर शरण लेनी पड़ी है।
बारिश के तेज बहाव के कारण कई स्थानों पर नुकसान भी हुआ है। अनिल गुप्ता का शौचालय और सुभाष राम व कौलधारी पासवान की चारदीवारी गिर गई। वहीं, कौशल विकास योजना के तहत संचालित डिजिटल लाइब्रेरी में पानी भरने से कंप्यूटर उपकरण डूब गए।
जलभराव के कारण प्राथमिक विद्यालय पवाया छपरा के परिसर में भी पानी भर गया, जिससे पठन-पाठन प्रभावित हुआ है। इसके अलावा राष्ट्रीय राजमार्ग-31 पर बने नवनिर्मित पेट्रोल पंप की दो तरफ की दीवारें गिरने से लाखों रुपये के नुकसान की आशंका जताई जा रही है।
36 घंटे से बिजली संकट
बारिश के चलते क्षेत्र में पिछले 36 घंटे से विद्युत आपूर्ति बाधित है। बिजली नहीं होने से लोगों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। बिजली विभाग के कर्मचारी जगह-जगह आई तकनीकी खराबियों को ठीक करने में जुटे हैं, लेकिन लगातार बारिश के कारण मरम्मत कार्य में बाधा आ रही है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से जल निकासी, बिजली व्यवस्था बहाल करने और बारिश से हुए नुकसान का सर्वे कराकर राहत उपलब्ध कराने की मांग की है।
