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गाजीपुर

बिजली संकट से हाहाकार, उमस भरी रातों में जागने को मजबूर ग्रामीण

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पांच दिनों से महज चार-पांच घंटे मिल रही आपूर्ति, ओवरलोड और जर्जर तारों से बढ़ी परेशानी

बहरियाबाद (गाजीपुर)। भीषण गर्मी और उमस के बीच बहरियाबाद कस्बे सहित आसपास के करीब चार दर्जन गांवों में बिजली संकट ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि पिछले करीब पांच दिनों से दिन-रात मिलाकर महज चार से पांच घंटे ही बिजली आपूर्ति हो पा रही है। बिजली आने-जाने का कोई निश्चित समय निर्धारित नहीं है, जिससे उपभोक्ता परेशान हैं।

ग्रामीणों के मुताबिक स्थिति यह है कि पंखा चलाने के लिए स्विच दबाते ही बिजली गुल हो जाती है। लगातार हो रही अघोषित कटौती से बुजुर्ग, बच्चे और गर्भवती महिलाएं उमस भरी रातों में जागकर समय बिताने को मजबूर हैं। शिकायतों के बावजूद नियमित विद्युत आपूर्ति बहाल नहीं होने से लोगों में नाराजगी बढ़ रही है।

धान की रोपाई भी प्रभावित, निजी संसाधनों पर बढ़ा खर्च

इस वर्ष बारिश की कमी के कारण धान की रोपाई के लिए किसान निजी संसाधनों का सहारा ले रहे हैं, लेकिन बिजली कटौती के चलते सिंचाई का काम भी प्रभावित हो रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि विद्युत संकट का असर खेती-किसानी पर भी पड़ रहा है।

ग्रामीणों ने बताया कि बिजली कटौती को लेकर उपभोक्ताओं का आक्रोश अक्सर क्षेत्रीय लाइनमैनों को झेलना पड़ता है, जबकि वास्तविक समस्या ओवरलोड, जर्जर तारों और तकनीकी खामियों से जुड़ी हुई है।

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ओवरलोड से जल रहे ट्रांसफार्मर, मीरपुर में छह बार बदला गया ट्रांसफार्मर

ग्रामीणों का आरोप है कि अधिकारी समस्या का समाधान करने के बजाय कार्यालयों तक सीमित हैं, जबकि आम उपभोक्ता गर्मी में परेशान हो रहे हैं। लोगों ने बताया कि पड़ोसी सैदपुर और सादात विद्युत उपकेंद्र क्षेत्रों में अपेक्षाकृत बेहतर आपूर्ति हो रही है, जिससे रोस्टिंग के नाम पर होने वाली कटौती पर सवाल उठ रहे हैं।

वहीं, क्षेत्र में ओवरलोड के कारण लगातार ट्रांसफार्मर जलने की समस्या भी बनी हुई है। मीरपुर ग्राम सभा के एक ट्यूबवेल पर अब तक करीब छह ट्रांसफार्मर जल चुके हैं।

63 केवीए ट्रांसफार्मर का भेजा गया प्रस्ताव

इस संबंध में बहरियाबाद-झोटना क्षेत्र के विद्युत अभियंता ने बताया कि ओवरलोड के कारण ट्रांसफार्मर जलने की समस्या सामने आ रही है। समस्या के समाधान के लिए 63 केवीए के नए ट्रांसफार्मर का प्रस्ताव भेजा गया है, जिसकी स्वीकृति जल्द मिलने की उम्मीद है। इसके बाद ट्रांसफार्मर खराब होने की समस्या में कमी आएगी।

लगातार बिजली संकट से परेशान उपभोक्ताओं ने जल्द समाधान की मांग की है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि विद्युत आपूर्ति व्यवस्था में शीघ्र सुधार नहीं हुआ तो वे मजबूर होकर बहरियाबाद और झोटना विद्युत उपकेंद्रों का घेराव करने को बाध्य होंगे।

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