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गोरखपुर

प्रसव के बाद महिला की मौत से हड़कंप, निजी अस्पताल पर लापरवाही का आरोप

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परिजनों ने निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की उठाई मांग

कैंपियरगंज (गोरखपुर)। क्षेत्र के एक निजी अस्पताल में प्रसव के बाद 24 वर्षीय महिला की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो जाने से हड़कंप मच गया। परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही और गलत उपचार का आरोप लगाते हुए मामले की निष्पक्ष जांच तथा दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, बलुआ गांव निवासी बाबूलाल की भतीजी कांति देवी (24) जो सेमरहवा क्षेत्र के अहिरा बाजार की रहने वाली थीं, गर्भवती थीं। प्रसव पीड़ा होने पर 30 मई को उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कैंपियरगंज ले जाया गया। परिजनों का आरोप है कि वहां से रेफर किए जाने के बाद एक आशा कार्यकर्ता के माध्यम से उन्हें कैंपियरगंज स्थित न्यू आरोग्य अस्पताल में भर्ती कराया गया।

अस्पताल में कांति देवी का ऑपरेशन के माध्यम से प्रसव कराया गया। परिजनों के अनुसार, ऑपरेशन के बाद मां और नवजात दोनों स्वस्थ थे। लेकिन मंगलवार रात करीब 11 बजे अचानक उनकी तबीयत बिगड़ने लगी। उन्हें खांसी और सांस लेने में परेशानी होने लगी। आरोप है कि अस्पताल में दवा और इंजेक्शन दिए जाने के बाद उनकी हालत और गंभीर हो गई तथा मुंह से झाग निकलने लगा।

परिजनों का कहना है कि स्थिति बिगड़ने पर अस्पताल कर्मियों ने कांति देवी को गहन चिकित्सा कक्ष में ले जाकर परिजनों को बाहर कर दिया। कुछ देर बाद उन्हें एंबुलेंस से गोरखपुर स्थित एक निजी अस्पताल भेजा गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

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मृतका की बहन मुनीता और चाची राधिका ने आरोप लगाया कि अस्पताल प्रबंधन ने पूरे मामले को दबाने का प्रयास किया। वहीं बाबूलाल का कहना है कि अस्पताल प्रबंधन ने उनके नाम से एक प्रार्थना पत्र तैयार कर उस पर अंगूठा लगवाने और उसे थाने में जमा कराने का दबाव बनाया।

घटना की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम ने अस्पताल में जांच-पड़ताल भी की है। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा और उसी आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

बताया जाता है कि कांति देवी की शादी लगभग एक वर्ष पूर्व हुई थी और यह उनका पहला बच्चा था। प्रसव के लिए वह अपने मायके बलुआ गांव आई हुई थीं। नवजात के जन्म की खुशी कुछ ही घंटों में मातम में बदल गई, जिससे परिवार गहरे सदमे में है।

परिजनों ने प्रशासन से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो सके।

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