वाराणसी
पीएम स्वनिधि से मिला सहारा, अब दुकान पर संकट; स्ट्रीट वेंडर ने पीएम मोदी से लगाई गुहार
40 वर्षों से कारोबार कर रहीं मुन्नी यादव ने पुनर्वास के बाद ही हटाने की मांग उठाई, स्ट्रीट वेंडर्स एक्ट-2014 का दिया हवाला
वाराणसी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में पीएम स्वनिधि योजना की लाभार्थी एक महिला स्ट्रीट वेंडर ने प्रशासनिक कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए अपनी आजीविका बचाने की गुहार लगाई है। चितरंजन पार्क गेट के पास पिछले करीब 40 वर्षों से दुकान संचालित कर रहीं मुन्नी यादव का कहना है कि सरकार की योजना से उनका कारोबार आगे बढ़ा, लेकिन अब उन्हें दुकान लगाने से रोका जा रहा है।
पीएम स्वनिधि योजना से मिला कारोबार को संबल
मुन्नी यादव के अनुसार, उन्हें प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के तहत क्रमशः ₹10 हजार, ₹20 हजार और ₹50 हजार का ऋण मिला। इस आर्थिक सहायता से उन्होंने अपने छोटे व्यवसाय को विस्तार दिया और परिवार की आजीविका चलाने में मदद मिली। उनका कहना है कि योजना का लाभ लेकर उन्होंने समय पर ऋण का भुगतान भी किया।
पहले पुनर्वास, फिर हटाने की कार्रवाई की मांग
मुन्नी यादव ने कहा कि स्ट्रीट वेंडर्स (जीविका संरक्षण एवं सड़क विक्रय विनियमन) अधिनियम, 2014 के तहत किसी भी स्ट्रीट वेंडर को हटाने से पहले उसके पुनर्वास की व्यवस्था करना अनिवार्य है। उनका आरोप है कि बिना वैकल्पिक स्थान उपलब्ध कराए उन्हें दुकान लगाने से रोका जा रहा है, जिससे उनके परिवार के सामने आजीविका का संकट खड़ा हो गया है।
प्रधानमंत्री से लगाई न्याय की गुहार
मुन्नी यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से हस्तक्षेप करने की अपील करते हुए कहा कि जिस योजना ने उन्हें आत्मनिर्भर बनने का अवसर दिया, उसी योजना की लाभार्थी होने के बावजूद आज उनका रोजगार संकट में है। उन्होंने सुरक्षित स्थान पर दुकान लगाने की व्यवस्था कराने और न्याय दिलाने की मांग की है।
