वाराणसी
योगाभ्यास एवं ध्यान केंद्र में श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाई गई गुरु पूर्णिमा
हवन-पूजन, गुरु वंदना, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और पौध वितरण के साथ दिया योग व पर्यावरण संरक्षण का संदेश
वाराणसी।गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर गोविंदपुरी कॉलोनी, सिकरौल स्थित योगाभ्यास एवं ध्यान केंद्र में श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ गुरु पूर्णिमा समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ गणेश वंदना तथा मां विंध्यवासिनी के पूजन-अर्चन से हुआ। इस दौरान उपस्थित साधकों ने अपने गुरु के प्रति श्रद्धा व्यक्त करते हुए उनका सम्मान किया।
गुरु वंदना और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बांधा समां
समारोह में सुषमा ने योग गुरु रीति श्रीवास्तव का तिलक कर पुष्प अर्पित किए, जबकि दिव्या ने माल्यार्पण कर उनका अभिनंदन किया। इसके बाद अर्चना, रेनू एवं अन्य सदस्यों ने गुरु भजन प्रस्तुत किए। वहीं वैशाली और रंजना ने गुरु भक्ति पर आधारित मनमोहक नृत्य प्रस्तुत कर उपस्थित लोगों की खूब सराहना बटोरी।
योग जीवन को देता है नई दिशा
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रो. मधु ने कहा कि गुरु केवल ज्ञान ही नहीं देते, बल्कि जीवन जीने की सही कला भी सिखाते हैं। वहीं रिचा ने कहा कि योग गुरु के मार्गदर्शन में नियमित योगाभ्यास करने से आत्मबल बढ़ता है और जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आते हैं।
हवन-पूजन के साथ दिया सकारात्मक ऊर्जा का संदेश
गुरु पूर्णिमा के अवसर पर योग गुरु रीति श्रीवास्तव ने सभी साधकों के साथ हवन एवं पूजा-अर्चना संपन्न कराई। उन्होंने कहा कि नियमित योग और ध्यान से सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है तथा वातावरण भी शुद्ध रहता है। उन्होंने गुरु के बताए मार्ग पर चलने और ज्ञान के माध्यम से अज्ञान के अंधकार को दूर करने का संदेश दिया।
पौध वितरण कर दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश
समारोह के दौरान योग गुरु रीति श्रीवास्तव ने सभी शिष्यों को प्रसाद स्वरूप एक-एक पौधा भेंट किया। उन्होंने कहा कि स्वयं से प्रेम करने के साथ-साथ प्रकृति से प्रेम करना भी उतना ही आवश्यक है। कार्यक्रम के अंत में उन्होंने सभी उपस्थित सदस्यों का आभार व्यक्त किया। समारोह का समापन प्रसाद वितरण के साथ हुआ।
