गोरखपुर
दो अधिवक्ताओं की मौत के बाद गुरु गोरक्षनाथ घाट पर चेतावनी, गुंबद से दूर रहने की अपील
गोरखपुर। ।राप्ती नदी के तट पर स्थित महायोगी गुरु गोरक्षनाथ घाट पर कुछ दिन पहले गुंबदनुमा स्ट्रक्चर के नीचे बैठे दो अधिवक्ताओं की आकाशीय बिजली गिरने के दौरान मौत हो गई थी। घटना के बाद स्ट्रक्चर के कई हिस्सों में दरारें सामने आईं। इसके बाद प्रशासन ने सुरक्षा के मद्देनजर क्षतिग्रस्त ढांचे को ध्वस्त कर नया स्ट्रक्चर बनाने की प्रक्रिया शुरू की है।
गुंबद से दूर रहने की चेतावनी
घाट पर लोगों की सुरक्षा को देखते हुए गुंबदनुमा स्ट्रक्चर से दूर रहने की चेतावनी लिखी गई है। इसके चलते घाट पर आने वाले लोगों में भी सुरक्षा को लेकर चिंता बनी हुई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षतिग्रस्त ढांचे के आसपास जाना जोखिम भरा हो सकता है।
पांच साल में दोबारा निर्माण पर सवाल
स्थानीय लोगों के अनुसार करीब पांच वर्ष पहले घाट के सुंदरीकरण का लोकार्पण किया गया था। अब पत्थर से बने द्वारनुमा स्ट्रक्चर को हटाकर नया निर्माण किए जाने की तैयारी है। इतने कम समय में संरचना के क्षतिग्रस्त होने को लेकर लोग निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठा रहे हैं और मामले की जांच की मांग कर रहे हैं।
आरसीसी से बनेगा नया द्वार
बताया जा रहा है कि सिंचाई विभाग पुराने द्वार को गिराकर नया द्वार बनाएगा। प्रस्तावित नया स्ट्रक्चर पत्थर के बजाय आरसीसी का होगा और इसे पहले की तुलना में अधिक चौड़ा, ऊंचा और मजबूत बनाया जाएगा। निर्माण प्रक्रिया शुरू होने की जानकारी दी गई है।
घाट पर जाने से कतरा रहे लोग
हादसे के बाद घाट पर आने वाले लोगों में भय का माहौल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जब पांच साल में ही निर्माण क्षतिग्रस्त हो गया तो इसकी गुणवत्ता की जांच जरूरी है। लोगों ने नए निर्माण में मानकों का पूरी तरह पालन करने और सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है।
