मिर्ज़ापुर
भैरव नेत्र चिकित्सालय बना मरीजों का सहारा
कान और त्वचा रोग के मरीजों की बढ़ी संख्या
मिर्जापुर। बदलते मौसम और बढ़ते प्रदूषण के बीच कान एवं त्वचा रोग से पीड़ित मरीजों की संख्या बढ़ रही है। ऐसे में मिर्जापुर स्थित भैरव नेत्र चिकित्सालय स्थानीय लोगों के साथ आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के मरीजों के लिए सहारा बन रहा है।
रोजाना 200 से अधिक मरीजों की जांच
चिकित्सालय में कान एवं चर्म रोग विशेषज्ञ डॉ. पवन द्वारा रोजाना 200 से अधिक मरीजों का परीक्षण और उपचार किया जा रहा है। प्रतिदिन औसतन 200 से 250 मरीज कान के संक्रमण, बहरापन, एलर्जी, दाद, खाज, खुजली और चेहरे की त्वचा संबंधी समस्याओं को लेकर पहुंच रहे हैं।
ग्रामीण मरीजों को मिल रही सुविधा
चिकित्सालय में सुबह से ही मरीजों की भीड़ लगने लगती है। ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले गरीब और मध्यम वर्गीय मरीजों को कम खर्च में चिकित्सीय सुविधाएं उपलब्ध होने से उन्हें काफी राहत मिल रही है। डॉ. पवन आधुनिक उपकरणों से जांच कर आवश्यक उपचार और परामर्श दे रहे हैं।
सावधानी बरतने की सलाह
डॉ. पवन ने मरीजों को कान में नुकीली वस्तु या गंदा पानी न जाने देने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि त्वचा रोग के शुरुआती लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। बिना चिकित्सकीय परामर्श के स्टेरॉयड क्रीम या कान की दवा का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।
मरीजों में बढ़ रहा भरोसा
स्थानीय नागरिकों के अनुसार बेहतर परामर्श और किफायती उपचार के कारण चिकित्सालय के प्रति लोगों का विश्वास बढ़ रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में उपलब्ध यह सेवा मरीजों के लिए राहत का माध्यम बनी हुई है।
