भदोही
भदोही के सभी छह ब्लॉकों में किसान संघ ने सौंपा 9 सूत्रीय ज्ञापन
खाद, नहर, गौशाला, चीनी मिल और किसान सम्मान निधि बढ़ाने समेत उठाईं प्रमुख मांगें
भदोही। भारतीय किसान संघ उत्तर प्रदेश (काशी प्रांत) जिला संत रविदास नगर भदोही के तत्वावधान में बुधवार को जिले के सभी छह विकास खंडों में किसान हित से जुड़ी समस्याओं को लेकर मुख्यमंत्री को संबोधित नौ सूत्रीय ज्ञापन खंड विकास अधिकारियों के माध्यम से सौंपा गया। किसानों ने कृषि लागत, खाद, सिंचाई, छुट्टा पशुओं, उपज के उचित मूल्य और भूमि अभिलेखों से जुड़ी समस्याओं के समाधान की मांग की।
विकासखंड ज्ञानपुर में जिला अध्यक्ष हरिप्रकाश उपाध्याय, जिला मंत्री रोहित सिंह, जिला कोषाध्यक्ष संजय विश्वकर्मा, ब्लॉक अध्यक्ष रवि गुप्ता सहित कार्यकर्ताओं ने ज्ञापन सौंपा। सुरियावां में प्रांत मंत्री काशी क्षेत्र अनिल मिश्रा, भदोही में मिथिलेश, औराई में पवन व विशंभर नाथ मिश्रा, डीघ में ब्लॉक अध्यक्ष वेद पांडे, रजनीश व अभिषेक मिश्रा तथा अभोली में ब्लॉक अध्यक्ष संतोष के नेतृत्व में ज्ञापन दिया गया।
ज्ञापन में उर्वरक की कालाबाजारी रोककर निर्धारित मूल्य पर पर्याप्त खाद उपलब्ध कराने, खतौनी, नामांतरण व वरासत संबंधी मामलों का समयबद्ध निस्तारण कराने की मांग की गई। किसानों ने नहरों की सफाई, नालियों की मरम्मत और राजकीय ट्यूबवेलों को दुरुस्त कर समय पर सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध कराने की भी मांग उठाई।
छुट्टा पशुओं से फसलों की सुरक्षा के लिए निराश्रित पशुओं को गौशालाओं में संरक्षित करने तथा वहां चारा, पानी और चिकित्सा की व्यवस्था करने की मांग की गई। स्थानीय बाजार, भंडारण और विपणन व्यवस्था मजबूत कर किसानों को उपज का लाभकारी मूल्य दिलाने पर भी जोर दिया गया।
संघ ने काशी सहकारी चीनी मिल औराई को तकनीकी परीक्षण व मरम्मत के बाद दोबारा चालू कराने, कृषि आधारित प्रसंस्करण एवं मूल्य संवर्धन उद्योगों को बढ़ावा देने और प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि में प्रदेश सरकार का अंश जोड़कर वार्षिक राशि 12 हजार रुपये करने की मांग रखी।
इसके अलावा पुराने भूमि अधिग्रहण एवं प्रतिफल मामलों की निष्पक्ष समीक्षा की मांग भी ज्ञापन में शामिल रही। किसान संघ ने मांगों पर समय-सीमा निर्धारित कर संबंधित विभागों को कार्रवाई के निर्देश देने, ब्लॉक स्तर पर समन्वय बैठक आयोजित करने और कार्रवाई की सूचना संघ को उपलब्ध कराने की मांग की। ज्ञापन की प्रतिलिपि जिलाधिकारी एवं मुख्य विकास अधिकारी को भी भेजी गई।
