मिर्ज़ापुर
पुश्तैनी मकान बना कथित ‘पियक्कड़ों का अड्डा’, ताला टूटा और सामान गायब
तीन-चार महीने बाद मकान खोलने पर सामने आया मामला, चोरी या नशेड़ियों के हाथ होने की आशंका
चुनार, मिर्जापुर। स्थानीय थाना क्षेत्र के पचरांव गांव में एक प्रतिष्ठित परिवार के लंबे समय से बंद पुश्तैनी मकान में कथित रूप से शराब और गांजा का सेवन करने वालों का जमावड़ा लगने का मामला सामने आया है। आरोप है कि मकान बंद रहने का फायदा उठाकर कुछ लोग वहां बैठकर नशा करते हैं। मामला उस समय गंभीर हो गया, जब मकान मालिक के पहुंचने पर घर का ताला टूटा मिला और अंदर रखा सामान गायब था।
तीन-चार महीने बाद खोला गया मकान
पचरांव निवासी आनंद कुमार पाण्डेय और रामजी पाण्डेय वर्तमान में बनारस में रहते हैं। गांव स्थित उनका पुश्तैनी मकान लंबे समय से बंद रहता है। बताया गया कि करीब तीन-चार महीने बाद जब मकान खोला गया तो ताला टूटा मिला और घर में रखा सामान गायब था। पीड़ित पक्ष ने चुनार थाने में शिकायत देकर मामले में कार्रवाई की मांग की है।
चोरी कब हुई, जांच का विषय
मकान लंबे समय से बंद रहने के कारण सामान गायब होने की सही तारीख स्पष्ट नहीं हो सकी है। ऐसे में यह जांच का विषय है कि सामान किसी अज्ञात चोर ने चोरी किया या मकान में कथित रूप से आने-जाने वाले लोगों में से किसी की इसमें भूमिका है। पुलिस से मामले की जांच कर चोरी का खुलासा करने की मांग की गई है।
50 मीटर के दायरे में नशे के सामान की बिक्री का आरोप
स्थानीय लोगों का आरोप है कि गांव में कुछ लोग कथित तौर पर मादक पदार्थों की बिक्री करते हैं। ग्रामीणों के मुताबिक मकान से करीब 50 मीटर की दूरी पर कथित रूप से मादक पदार्थों की बिक्री होती है। यदि आरोप सही हैं तो इसकी जांच कर संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई किए जाने की मांग की गई है।
शाम होते ही बढ़ती है आवाजाही
ग्रामीणों के अनुसार शाम करीब सात बजे से रात 12 से 1 बजे तक मकान के आसपास लोगों की आवाजाही बढ़ जाती है। आरोप है कि बाहर से खाने-पीने का सामान लाकर मकान के आसपास बैठकर शराब आदि का सेवन किया जाता है। ग्रामीणों का कहना है कि ऐसी गतिविधियों से आसपास के लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।
स्थानीय लोगों ने पुलिस-प्रशासन से बंद मकान में हुई चोरी की जांच के साथ-साथ नशे के कथित कारोबार और सेवन पर भी प्रभावी कार्रवाई की मांग की है।
