गाजीपुर
चिकित्साधिकारी के नियमित न आने से मरीज परेशान
राजकीय यूनानी चिकित्सालय चक फरीद में कई दिनों तक डॉक्टर के अनुपस्थित रहने का आरोप, ग्रामीणों ने जांच की मांग की
बहरियाबाद, गाजीपुर। क्षेत्र स्थित राजकीय यूनानी चिकित्सालय चक फरीद में चिकित्साधिकारी के नियमित रूप से उपस्थित नहीं होने का आरोप लगाते हुए क्षेत्रवासियों ने नाराजगी जताई है। ग्रामीणों का कहना है कि चिकित्साधिकारी सप्ताह के कई दिनों तक अस्पताल में नहीं आते हैं, जिससे उपचार के लिए पहुंचने वाले मरीजों को परेशानी उठानी पड़ रही है।
करीब दो दर्जन गांवों से आते हैं मरीज
क्षेत्रवासियों के अनुसार इस चिकित्सालय में आसपास के करीब दो दर्जन गांवों से लोग इलाज कराने पहुंचते हैं। दूर-दराज से आने वाले मरीजों को चिकित्साधिकारी के अनुपस्थित मिलने पर बिना उपचार के ही वापस लौटना पड़ता है। बहरियाबाद क्षेत्र में यह एकमात्र यूनानी चिकित्सालय होने के कारण मरीजों की परेशानी और बढ़ जाती है।
नियमित इलाज नहीं मिलने से बढ़ी दिक्कत
ग्रामीणों का कहना है कि अस्पताल में नियमित चिकित्सकीय सेवा उपलब्ध नहीं होने से गरीब और जरूरतमंद मरीजों को इधर-उधर भटकना पड़ रहा है। लोगों ने कहा कि सरकारी स्वास्थ्य केंद्र का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को स्थानीय स्तर पर उपचार उपलब्ध कराना है, लेकिन चिकित्साधिकारी की कथित अनियमित उपस्थिति से इसका पूरा लाभ नहीं मिल पा रहा है।
यूनानी चिकित्सा पद्धति से होता है उपचार
राजकीय यूनानी चिकित्सालय राज्य सरकार द्वारा संचालित स्वास्थ्य केंद्र हैं, जहां आयुष मंत्रालय के अंतर्गत यूनानी चिकित्सा पद्धति से मरीजों का उपचार किया जाता है। यूनानी चिकित्सा एक प्राचीन चिकित्सा प्रणाली है, जिसमें शरीर के विभिन्न घटकों के संतुलन को स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है।
विभागीय जांच और नियमित उपस्थिति की मांग
क्षेत्रवासियों ने विभागीय अधिकारियों से चिकित्साधिकारी की कथित अनुपस्थिति की जांच कराने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि चिकित्साधिकारी की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित की जाए, ताकि मरीजों को समय पर उचित उपचार मिल सके और सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ क्षेत्र के लोगों को मिल सके।
