Uncategorized
डीएम के आदेश पर गदाईपुर में वैकल्पिक सड़क निर्माण शुरू
जलभराव से बेहाल राजभर बस्ती के ग्रामीणों को मिली राहत, पानी कम होने के बाद मुख्य मार्ग बनाने का आश्वासन
बहरियाबाद (गाजीपुर)। गाजीपुर जिले के पश्चिमी छोर पर स्थित सादात ब्लॉक की सबसे बड़ी ग्राम सभा गदाईपुर में जलभराव की समस्या को लेकर प्रशासन ने कार्रवाई शुरू कर दी है। जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला ने मामले का संज्ञान लेते हुए सादात बीडीओ को मौके का निरीक्षण कर समस्या के समाधान का निर्देश दिया। इसके बाद रविवार से ग्रामीणों के आवागमन के लिए वैकल्पिक सड़क के मरम्मत एवं निर्माण का कार्य शुरू करा दिया गया।
गदाईपुर गांव की राजभर बस्ती के दोनों तरफ का सड़क मार्ग अत्यधिक बारिश के कारण तालाब में तब्दील हो गया है। जलनिकासी की उचित व्यवस्था नहीं होने से ग्रामीणों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। स्थिति यह है कि बारिश और नहर में पानी छोड़े जाने के कारण पानी कई बार ग्रामीणों के घरों तक पहुंच जाता है।
ग्रामीणों के अनुसार राजभर बस्ती में आने-जाने के लिए अब तक पक्की सड़क की समुचित व्यवस्था नहीं है। गांव के समीप नहर और किनारे पोखरी होने के कारण बारिश के मौसम में समस्या और गंभीर हो जाती है।
कई बार अधिकारियों से की गई थी शिकायत
समस्या के समाधान के लिए समाजसेवी परविंदर यादव, पूर्व फौजी अनिल सिंह, संतोष राजभर, अरविंद यादव और समाजसेवी नवीन चौहान समेत ग्रामीणों ने कई बार संबंधित अधिकारियों से शिकायत की थी। समाजसेवी नवीन चौहान ने आईजीआरएस के माध्यम से भी शिकायत दर्ज कराई, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका।
समस्या का समाधान नहीं होने पर शब्द भेदी सेना सामाजिक संगठन के बैनर तले 15 सितंबर को धरना-प्रदर्शन करने की चेतावनी दी गई थी। इसी क्रम में 29 अगस्त को संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष नवीन चौहान के नेतृत्व में खंड विकास अधिकारी सादात, उपजिलाधिकारी जखनियां, लोक निर्माण विभाग, जिला पंचायत विभाग और उत्तर प्रदेश ग्रामीण सड़क योजना विभाग को ज्ञापन दिया गया। इसके बाद जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला को भी ज्ञापन सौंपकर पूरी समस्या से अवगत कराया गया।
डीएम के निर्देश पर मौके पर पहुंचे बीडीओ
जिलाधिकारी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल खंड विकास अधिकारी सादात को मौके का निरीक्षण कर समस्या के समाधान का निर्देश दिया। बीडीओ ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने पाया कि जलभराव के कारण फिलहाल पानी निकासी का कोई प्रभावी रास्ता नहीं है।
इसके बाद ग्रामीणों के आवागमन को देखते हुए वैकल्पिक मार्ग की मरम्मत एवं निर्माण का कार्य शुरू कराया गया। रविवार को वैकल्पिक मार्ग पर मजदूरों द्वारा ईंट के टुकड़े बिछाने का काम किया गया। मौके पर ग्राम विकास अधिकारी भी मौजूद रहे।
पानी कम होने पर मुख्य मार्ग बनाने का आश्वासन
समाजसेवी परविंदर यादव (दादा) ने बताया कि फिलहाल ईंट के टुकड़े डालकर ग्रामीणों के आने-जाने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था बनाई जा रही है। अधिकारियों की ओर से आश्वासन दिया गया है कि जलभराव कम होने के बाद मुख्य मार्ग की मरम्मत अथवा निर्माण कराया जाएगा।
ग्रामीणों ने प्रशासन की तत्काल कार्रवाई का स्वागत करते हुए कहा कि वैकल्पिक मार्ग से फिलहाल आवागमन में राहत मिलेगी, लेकिन जलभराव समाप्त होते ही मुख्य सड़क का निर्माण जल्द कराया जाना जरूरी है। ग्रामीणों ने कहा कि यदि पानी कम होने के बाद मुख्य मार्ग के निर्माण में देरी हुई तो वे दोबारा आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
