गोरखपुर
गोरखपुर के एडीजी जोन मुथा अशोक जैन बने डीजी, पुलिस महकमे में खुशी की लहर
वरिष्ठ अधिकारियों ने पुष्पगुच्छ भेंट कर दी बधाई, नेतृत्व और कार्यशैली की सराहना
1995 बैच के आईपीएस अधिकारी को प्रदेश की पुलिस व्यवस्था की मिली कमान
गोरखपुर। गोरखपुर जोन के अपर पुलिस महानिदेशक (एडीजी) मुथा अशोक जैन को उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा पुलिस महानिदेशक (डीजी) पद पर पदोन्नत किए जाने की घोषणा के बाद पुलिस महकमे में उत्साह का माहौल है। उनके डीजी बनने की सूचना मिलते ही गोरखपुर स्थित एडीजी कार्यालय में अधिकारियों का तांता लग गया और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने पहुंचकर उन्हें शुभकामनाएं दीं।
इस अवसर पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. कोस्तुभ, पुलिस अधीक्षक नॉर्थ ज्ञानेंद्र, एसपी सिटी निमिष पाटिल, एसपी क्राइम सुधीर जायसवाल सहित अन्य अधिकारियों ने पुष्पगुच्छ भेंट कर बधाई दी। अधिकारियों ने उनके नेतृत्व, प्रशासनिक दक्षता और कार्यशैली की सराहना करते हुए कहा कि उनके मार्गदर्शन में कानून-व्यवस्था को मजबूत करने और पुलिसिंग को प्रभावी बनाने में उल्लेखनीय सफलता मिली है।
मुथा अशोक जैन उत्तर प्रदेश कैडर के 1995 बैच के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी हैं। आंध्र प्रदेश के गुंटूर जिले के निवासी मुथा अशोक जैन ने अपने सेवा काल में विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर रहते हुए सख्त, निष्पक्ष और प्रभावी प्रशासनिक शैली का परिचय दिया है। उनकी पहचान एक अनुशासित और जनोन्मुखी पुलिस अधिकारी के रूप में रही है।
उन्होंने 3 जुलाई 2025 को गोरखपुर जोन के एडीजी का कार्यभार संभाला था। अपने कार्यकाल में उन्होंने अपराध नियंत्रण, महिला सुरक्षा, संगठित अपराध के विरुद्ध कार्रवाई तथा तकनीक आधारित पुलिसिंग को बढ़ावा देने पर विशेष ध्यान दिया। उनके नेतृत्व में कई महत्वपूर्ण अभियान सफलतापूर्वक संचालित किए गए, जिससे जनता में सुरक्षा की भावना मजबूत हुई।
पुलिस अधिकारियों ने विश्वास व्यक्त किया कि मुथा अशोक जैन के अनुभव और नेतृत्व क्षमता का लाभ अब पूरे प्रदेश को मिलेगा। उन्होंने अपने कार्यकाल में पारदर्शिता, जवाबदेही और जनसंपर्क को प्राथमिकता देकर पुलिस और जनता के बीच बेहतर तालमेल स्थापित किया है।
गोरखपुर पुलिस महकमे के लिए यह गौरव का विषय माना जा रहा है कि यहां के एडीजी जोन को प्रदेश के सर्वोच्च पुलिस पद की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इससे न केवल गोरखपुर जोन का मान बढ़ा है, बल्कि पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों का मनोबल भी ऊंचा हुआ है।
