गोरखपुर
गोरक्षनाथ घाट पर प्रशासन का अलर्ट, चबूतरों और गुंबद से दूर रहने की अपील
गुंबद का छज्जा गिरने से दो अधिवक्ताओं की मौत के बाद सुरक्षा व्यवस्था सख्त, घाट पर लगाए गए चेतावनी पोस्टर
गोरखपुर। गोरक्षनाथ घाट पर गुंबद का छज्जा गिरने से दो अधिवक्ताओं की इलाज के दौरान मौत के बाद जिला प्रशासन और नगर निगम ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर आमजन को अलर्ट किया है। घाट पर जगह-जगह पोस्टर लगाकर लोगों से चबूतरों, गेट और गुंबद से दूरी बनाए रखने की अपील की जा रही है।
प्रशासन की ओर से लगाए गए पोस्टरों में वर्षा ऋतु और संभावित बाढ़ को देखते हुए लोगों से विशेष सावधानी बरतने को कहा गया है। पोस्टर में स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि गेट और गुंबद के आसपास जाने से दुर्घटना हो सकती है। नगर निगम ने लोगों से सुरक्षा निर्देशों का पालन करने की अपील की है।
पुलिस प्रशासन की ओर से भी घाट पर पहुंचने वाले लोगों को लगातार जागरूक किया जा रहा है। पुलिस ने घाट को दुर्घटना बाहुल्य क्षेत्र बताते हुए लोगों को नदी के पानी से दूर रहने की हिदायत दी है। चेतावनी में कहा गया है कि नदी का पानी काफी गहरा है और उसमें सांप, मगरमच्छ, घड़ियाल तथा कछुए जैसे जलीय जीव होने की संभावना है। ऐसे में घाट पर स्नान करना सख्त मना किया गया है।
बताया जा रहा है कि बीते रविवार को आकाशीय बिजली गिरने के बाद गोरक्षनाथ घाट पर बने गुंबद का छज्जा गिर गया था। हादसे में अधिवक्ता आलोक अस्थाना और अधिवक्ता संजय सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए थे। दोनों को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
घटना का मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी संज्ञान लिया था। उन्होंने जिला प्रशासन को मृतक अधिवक्ताओं के परिजनों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए थे।
मीडियाकर्मियों से बातचीत में जिलाधिकारी दीपक मीणा ने कहा कि हादसे के बाद प्रशासन की प्राथमिकता घाट पर आने वाले लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। इसी के तहत गुंबद और चबूतरों से दूरी बनाए रखने के लिए लोगों को जागरूक किया जा रहा है। बारिश और संभावित बाढ़ को देखते हुए घाट पर अतिरिक्त सावधानी बरतने की अपील भी की जा रही है।
प्रशासन ने लोगों से चेतावनी और सुरक्षा निर्देशों का पालन करने तथा किसी भी तरह का जोखिम न उठाने की अपील की है।
