गाजीपुर
बहरियाबाद में धूमधाम से मनाया गया जश्ने ईद मिलादुन्नबी
जलसे में पैगंबर हजरत मोहम्मद के जीवन, शिक्षाओं और अख्लाक पर डाला गया प्रकाश
बहरियाबाद, गाजीपुर। मुस्लिम नौजवान कमेटी दक्षिण मोहल्ला के तत्वावधान में जलसा-ए-जश्ने ईद मिलादुन्नबी का आयोजन धूमधाम से किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत तिलावत-ए-कुरआन से हुई, जिसे हाफिज हारिश नोमानी ने पेश किया, जबकि निजामत की जिम्मेदारी हाफिज नदीम आलम ने निभाई। नात-ख्वानी के दौरान इस्लाम मखदूमपुरी, हाफिज अशफाक लखनवी और शाह खालिद मऊ ने पैगंबर हजरत मोहम्मद (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) की शान में नातिया कलाम पेश किए।

जलसे को संबोधित करते हुए मौलाना अफरोज कादरी ने पैगंबर हजरत मोहम्मद (सल्ल.) के जीवन, उनकी शिक्षाओं और उनके उत्तम आचरण पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि हजरत मोहम्मद (सल्ल.) को अल्लाह ने पूरी कायनात के लिए रहमतुल लिल आलमीन बनाकर भेजा। उनके जीवन से इंसान को सच्चाई, ईमानदारी, सादगी, विनम्रता और इंसानियत की सीख मिलती है।

उन्होंने कहा कि पैगंबर साहब ने दुश्मनों को भी माफ करने, गरीबों और यतीमों की मदद करने तथा समाज में आपसी भाईचारा और शांति बनाए रखने की शिक्षा दी। महिलाओं का सम्मान, बच्चों से मोहब्बत और पड़ोसियों के अधिकारों का ख्याल रखना भी उनकी शिक्षाओं का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
जलसे में नमाज की पाबंदी, सच बोलने, हलाल कमाई करने और पैगंबर साहब की सुन्नत पर चलने की नसीहत की गई। वक्ताओं ने कहा कि मिलाद का उद्देश्य केवल पैगंबर साहब का जिक्र करना नहीं, बल्कि उनके बताए रास्ते को अपने जीवन में अपनाने का संकल्प लेना भी है।

कार्यक्रम की जेरेपरस्ती मुंतज़िर इमाम एडवोकेट ने की। समापन देश और दुनिया में अमन-शांति, भाईचारे और मुल्क की तरक्की के लिए दुआ तथा दुरूद-ओ-सलाम के साथ हुआ।

इस अवसर पर अब्दुल वाजिद अंसारी, सलीम नेता, अल्हाज अब्दुल माजिद, डॉ. निसार अहमद अंसारी, ग्राम प्रधान प्रतिनिधि अब्दुल खालिक उर्फ गुड्डू, मुबारक मास्टर, अनवर हसन, नजीर अहमद, कमर अंसारी, सैयद शमीमुल हक सहित उत्तर और दक्षिण मोहल्ले के बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।
