वाराणसी
खेत में बकरी चरने को लेकर दो पक्षों में खूनी संघर्ष, महिलाओं समेत दर्जन भर लोग घायल
वाराणसी। मिर्जामुराद थाना क्षेत्र अंतर्गत लल्लापुर गांव में रविवार की सुबह उस समय हड़कंप मच गया, जब खेत में बकरी चराने जैसी मामूली बात को लेकर दो पक्ष आमने-सामने आ गए। देखते ही देखते दोनों पक्षों के बीच विवाद इतना बढ़ गया कि लाठी-डंडे और लोहे की रॉड से जानलेवा हमला शुरू हो गया। इस खूनी संघर्ष में महिलाओं समेत लगभग दर्जन भर लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। गांव में तनाव की स्थिति को देखते हुए भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।
जानकारी के अनुसार, रविवार सुबह लल्लापुर गांव के निवासी मिंटू नामक युवक के खेत में दूसरे पक्ष के जमुना बिंद की बकरी घुस गई और फसल चरने लगी। मिंटू के विरोध करने पर जमुना बिंद के परिवार से कहासुनी शुरू हो गई। देखते ही देखते जुबानी जंग ने हिंसक मोड़ ले लिया। दोनों तरफ से दर्जनों लोग लाठी, डंडे और लोहे की रॉड लेकर एक-दूसरे पर टूट पड़े।
खेत में हुए इस खूनी संघर्ष के दौरान मौके पर चीख-पुकार मच गई। हमले में दोनों ही पक्षों को गंभीर चोटें आई हैं। प्रथम पक्ष से:संतराम, उनकी पत्नी, अजय बिंद, मिंटू बिंद, सिंटू बिंद और उनकी माता गंभीर रूप से घायल हुए हैं। जबकि द्वितीय पक्ष से:जमुना बिंद, उनकी पत्नी शक्ति देवी, उनका पुत्र बिंदु और उनकी बहू को गंभीर चोटें आई हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार: विवाद इतनी तेजी से बढ़ा कि किसी को बीच-बचाव करने का मौका ही नहीं मिला। दोनों पक्षों के लोग एक-दूसरे पर ताबड़तोड़ वार कर रहे थे, जिससे कई लोगों के सिर फट गए और शरीर पर गंभीर फ्रैक्चर आए हैं।”
सूचना मिलते ही मिर्जामुराद पुलिस दलबल के साथ मौके पर पहुंची। पुलिस ने तुरंत स्थिति को नियंत्रण में लिया और सभी घायलों को एंबुलेंस की मदद से इलाज के लिए नजदीकी मंडलीय अस्पताल (कबीरचौरा) भिजवाया, जहाँ कइयों की हालत चिंताजनक बनी हुई है। फिलहाल, गांव में दोबारा कोई अप्रिय घटना न हो और शांति व्यवस्था कायम रहे, इसके मद्देनजर एहतियातन तौर पर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और दोनों पक्षों से तहरीर मिलने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की तैयारी में जुटी है।
